बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना काफी लोकप्रिय योजना बन चुकी है। इस योजना में माता-पिता छोटी उम्र से ही निवेश शुरू कर सकते हैं और लंबे समय में अच्छा फंड तैयार कर सकते हैं। योजना की खास बात यह है कि इसमें अच्छा ब्याज भी मिलता है, जिससे बचत तेजी से बढ़ती है। लेकिन इस खाते से जुड़ा एक जरूरी नियम भी है, जिसे नजरअंदाज करने पर परेशानी हो सकती है। अगर समय पर जरूरी राशि जमा नहीं की गई तो खाता निष्क्रिय भी हो सकता है।
हर साल जमा करनी होती है न्यूनतम राशि
इस योजना के तहत खाते को चालू बनाए रखने के लिए हर वित्त वर्ष में कम से कम एक तय राशि जमा करना जरूरी होता है। कई बार लोग पूरे साल व्यस्तता के कारण पैसा जमा करना भूल जाते हैं। हालांकि वित्त वर्ष खत्म होने से पहले इसे ठीक किया जा सकता है। नियम के मुताबिक हर साल खाते में कम से कम 250 रुपये जमा करना जरूरी है। अगर पूरे साल पैसा जमा नहीं किया गया है तो 31 मार्च से पहले इसे जमा करना जरूरी होता है।
समय पर पैसा जमा करना क्यों जरूरी
अगर खाते में न्यूनतम राशि समय पर जमा कर दी जाती है तो खाता सक्रिय बना रहता है और निवेश बिना किसी रुकावट के चलता रहता है। चूंकि राशि बहुत कम होती है इसलिए कई लोग इसे टाल देते हैं। लेकिन यही छोटी राशि खाते की स्थिति तय करती है। अगर समय रहते पैसा जमा कर दिया जाए तो खाते में मिलने वाला ब्याज और भविष्य की बचत दोनों सुरक्षित रहती हैं।
नियम तोड़ने पर देना पड़ सकता है जुर्माना
अगर किसी वित्त वर्ष में खाते में न्यूनतम राशि जमा नहीं होती तो खाता निष्क्रिय हो सकता है। बाद में इसे फिर से सक्रिय कराने के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। खाते को दोबारा चालू करने के लिए करीब 50 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है और साथ ही छूटी हुई न्यूनतम राशि भी जमा करनी होती है। फिलहाल इस योजना में करीब 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, इसलिए नियमित निवेश करने पर बेटी की पढ़ाई और भविष्य के लिए अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है।
