उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित औसानेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार तड़के एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें 2 भक्तों की मौत हो गई और कई अन्य घायल बताए जा रहे है। यह घटना श्रावण मास के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के दौरान हुई, जब मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा थी।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने अनुसार यह हादसा रात करीब 2 बजे तब हुआ जब कुछ बंदरों ने मंदिर के पास एक हाई-वोल्टेज बिजली के तार पर छलांग लगाई। इस कारण तार टूटकर मंदिर परिसर में बने टिन के शेड पर गिर गया, जिससे शेड में करंट फैल गया। करंट के डर से भक्तों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद लोग अपने बचाव के दिए एक-दूसरे को कुचलते चले गए। जिसमे 2 लोगो की मौत हो गई। मृतकों में 22 वर्षीय प्रशांत, जो मुबारकपुर गांव (लोनीकटरा थाना क्षेत्र) से थे, और एक अन्य 30 वर्षीय अज्ञात भक्त शामिल हैं। बताया जा रहा है की दोनों की मौत इलाज के दौरान हुई। करीब 30 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
घायलों को तुरंत हैदरगढ़ और त्रिवेदीगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया। इनमें से 10 घायलों को त्रिवेदीगंज सीएचसी ले जाया गया, जिनमें से पांच की गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया। हैदरगढ़ सीएचसी में 26 घायल भर्ती हुए, जिनमें से एक को गंभीर हालत में उन्नत उपचार के लिए रेफर किया गया। CMO अवधेश प्रसाद ने बताया कि हैदरगढ़ सीएचसी में भर्ती सभी मरीजों में से एक को छोड़कर बाकियों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। त्रिवेदीगंज सीएचसी में लाए गए नौ मरीजों में से दो को मृत घोषित किया गया, जबकि शेष सात की स्थिति स्थिर है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किए। घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया गया। बाराबंकी के जिला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों के उचित इलाज और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बाराबंकी के मंदिर में भगदड़ की घटना पर कहा, "बहुत ही दुखद घटना है। पूरी घटना के उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। घटना के कारणों की जांच के साथ भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनावृत्ति ना हो और सभी हमारे मंदिर शिवालयों में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं... पीड़ित परिवारों के साथ सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है... हम आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रहे हैं लेकिन उसके अलावा भी हम चिंता करेंगे कि कभी पीड़ित परिवारों को कष्ट ना हो।
यह हादसा हरिद्वार के मानसा देवी मंदिर में रविवार को हुई एक अन्य भगदड़ की घटना के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी। उस घटना में भी बिजली के तार से करंट की अफवाह के कारण भगदड़ मची थी। बाराबंकी की इस घटना की जांच के लिए प्रशासन ने एक जांच समिति गठित की है, जो हादसे के सटीक कारणों का पता लगाएगी।



