चीन की राजधानी बीजिंग और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई है। जिससे इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 34 लोगों की मौत की खबर है, और 80,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
जानकारी के मुताबिक हेबेई प्रांत में भूस्खलन और बीजिंग के बाहरी इलाकों में बाढ़ ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बीजिंग के मियुन और यानकिंग जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। मियुन में 28 और यानकिंग में 2 लोगों की मौत दर्ज की गई है।लगातार मूसलाधार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में 30 सेंटीमीटर तक पानी गिरने की संभावना जताई गई थी। इससे नदियों और जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया। कई वाहन बह गए, बिजली के खंभे धराशायी हो गए, और सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं। संचार सेवाएं ठप होने से स्थानीय लोग अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पाए। बीजिंग से 80,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जिनमें से लगभग 17,000 मियुन जिले से हैं।
हेबेई प्रांत के लुआनपिंग काउंटी में सोमवार को भूस्खलन हुआ। इस घटना में 4 लोगों की मौत हो गई, और 8 अन्य लोग लापता हैं। भूस्खलन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ, और संचार सेवाओं के ठप होने से राहत कार्यों में बाधा आई।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 28 जुलाई को बाढ़ रोकथाम और आपदा राहत कार्य के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने लापता लोगों की तलाश और हताहतों की संख्या कम करने के लिए "हर संभव प्रयास" करने का आदेश दिया। चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने कहा कि मियुन में भारी बारिश और बाढ़ के कारण "गंभीर हताहत" हुए हैं, और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं।
आपको बता दें बीजिंग प्रशासन ने सोमवार रात 8 बजे शीर्ष स्तर की आपातकालीन चेतावनी जारी की। मियुन जिले में एक जलाशय, जो 1959 में बनने के बाद अपने उच्चतम स्तर पर था, से पानी छोड़ा गया। नदियों के निचले इलाकों में रहने वालों को सावधान रहने की चेतावनी दी गई।
क्या है बाढ़ का कारण?
बीजिंग और हेबेई में बाढ़ का मुख्य कारण जुलाई-अगस्त में सक्रिय होने वाला ईस्ट एशियन मानसून है। हालांकि बीजिंग में सामान्य रूप से बारिश कम होती है, लेकिन इस दौरान अचानक भारी बारिश होती है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। चीन में इस साल की बाढ़ और भूस्खलन ने बीजिंग और हेबेई प्रांत में भारी तबाही मचाई है। सरकार और प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। आने वाले दिनों में और भारी बारिश की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है।



