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साहब जिंदा हूं मैं, मेरा पोस्टमार्टम मत करो... कानपुर में हैरतअंगेज घटना

साहब जिंदा हूं मैं, मेरा पोस्टमार्टम मत करो... कानपुर में हैरतअंगेज घटना

कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां, पुलिस ने एक जिंदा युवक का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। फिर हुआ कुछ ऐसा जिसे देख पुलिस प्रसाशन भी दंग रह गया, दरअसल पुलिस ने जिसे मृत घोषित किया था वह अचानक पुलिस थाने जा पहुचा, बोला- "साहब, मैं जिंदा हूं, मेरा पोस्टमॉर्टम रुकवाइए।

मामला घाटमपुर थाना क्षेत्र का है, जहां सड़क किनारे एक युवक का शव मिला। युवक को मृत मानकर पंचायतनामा भरा था। वह युवक शुक्रवार को पुलिस की जांच में जिंदा मिला। युवक के जिंदा होने की खबर जैसे ही उसके परिजनों को मिली, उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। दरअसल घाटमपुर के मुख्य चौराहे पर पुलिस को एक युवक का शव मिला फिर स्थानीय वॉट्सएप ग्रुपों में उसकी फोटोज शेयर की। देर शाम सुमन नामक महिला ने शव को अपने भाई अजय शंखवार (22) दिवाली गांव निवासी के रूप में पहचान की। जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को कानपुर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

शुक्रवार को अजय शंखवार स्वयं घाटमपुर थाने पहुंचा और अपनी जीवित होने की जानकारी दी। अजय के थाने पहुंचने पर पुलिस ने तत्काल पोस्टमॉर्टम रोक दिया। बोला- "साहब, मैं जिंदा हूं, मेरा पोस्टमॉर्टम रुकवाइए। उसने बताया- मैं भीतरगांव कस्बा स्थित एक ईंट भट्ठे में मजदूरी करता हूं। मेरे पास फोन नहीं है। मैं हफ्ते में एक-दो बार किसी न किसी के मोबाइल से घर पर बात करता हूं। पुलिस ने बताया कि उसकी बहन ने लावारिस शव को उसका शव समझ लिया था, जिसके बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।

अजय के जिंदा होने की खबर सुनकर उसके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया रूकवाकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि लावारिस शव की वास्तविक पहचान हो सके।

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