देश में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और छोटे से बड़े दुकानदार तक अलग-अलग भुगतान ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में कई दुकानों पर अलग-अलग कंपनियों के कई साउंडबॉक्स दिखाई देते हैं। अब इसी परेशानी को कम करने के लिए एनपीसीआई एक नई व्यवस्था पर काम कर रहा है। इसका मकसद दुकानदारों के लिए भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाना और अतिरिक्त झंझट कम करना है।
एक डिवाइस से सभी अलर्ट
नई योजना के तहत ऐसा सिस्टम तैयार करने की तैयारी है जिसमें एक ही साउंडबॉक्स से अलग-अलग भुगतान ऐप्स के लेनदेन की जानकारी मिल सके। यानी ग्राहक किसी भी भुगतान ऐप का इस्तेमाल करे, दुकानदार को एक ही डिवाइस से भुगतान की सूचना सुनाई दे सकती है। इससे कई डिवाइस लगाने की जरूरत कम हो जाएगी और काम पहले की तुलना में आसान हो सकता है।
दुकानदारों की बढ़ती परेशानी
अभी कई दुकानदार अलग-अलग भुगतान सेवाओं के लिए अलग साउंडबॉक्स रखते हैं। अलग सदस्यता और कई उपकरणों की वजह से खर्च भी बढ़ता है और व्यवस्था संभालना भी मुश्किल हो जाता है। त्योहारों या भीड़ वाले समय में कई बार भुगतान की पुष्टि को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में एकीकृत व्यवस्था बड़ी राहत मानी जा रही है।
भीड़ के समय होगा फायदा
त्योहार और व्यस्त समय के दौरान दुकानदारों को एक साथ कई ग्राहकों के भुगतान संभालने पड़ते हैं। ऐसे समय पर अलग-अलग डिवाइस की आवाज और सूचनाएं कई बार परेशानी पैदा कर देती हैं। अगर एक ही डिवाइस से सभी सूचनाएं मिलने लगेंगी तो भुगतान की निगरानी आसान हो सकती है और दुकानदारों का समय भी बचेगा।
पंजीकरण भी होगा आसान
इस नई व्यवस्था में दुकानदारों को सिर्फ एक भुगतान सेवा के साथ साउंडबॉक्स जोड़ना होगा। इसके बाद अन्य क्यूआर कोड भी उसी व्यवस्था में जोड़े जा सकेंगे। इसका मतलब यह होगा कि ग्राहक चाहे किसी भी माध्यम से भुगतान करे, पुष्टि एक ही स्थान पर मिल सकेगी। इससे तकनीकी झंझट कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
डिजिटल व्यवस्था को मिलेगा बल
डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के बीच इस तरह की व्यवस्था को बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक सभी को सुविधा मिल सकती है। हालांकि अभी यह तैयारी के स्तर पर है लेकिन अगर इसे लागू किया गया तो आने वाले समय में डिजिटल भुगतान का अनुभव पहले से कहीं अधिक सरल और व्यवस्थित हो सकता है।
