logo

BREAKING NEWS
मेरठ की बेटी ने बचाईं 7 जिंदगियां, संकट में दिखाया ऐसा साहस, जानिए कौन है ?

मेरठ की बेटी ने बचाईं 7 जिंदगियां, संकट में दिखाया ऐसा साहस, जानिए कौन है ?

उत्तराखंड के टिहरी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब बदरीनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर देहरादून जा रहा एक चार्टर हेलीकॉप्टर अचानक खराब मौसम की चपेट में आ गया। तेज हवाओं और मुश्किल हालात के बीच स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। हालात ऐसे बन गए कि हेलीकॉप्टर को खेत में आपात लैंडिंग करनी पड़ी। लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर बिजली की लाइन से भी टकराया लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी लोग सुरक्षित बच गए।

महिला पायलट बनीं हीरो
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी चर्चा मेरठ की रहने वाली महिला पायलट अनुपमा चौधरी को लेकर हो रही है। मुश्किल हालात में उन्होंने धैर्य और समझदारी से फैसला लिया। कुछ सेकंड में लिया गया उनका निर्णय बड़ा हादसा टालने में अहम साबित हुआ। हेलीकॉप्टर में सवार छह श्रद्धालुओं और पायलट समेत सभी लोग सुरक्षित रहे। अब उनकी बहादुरी की चर्चा कई जगहों पर हो रही है।

खेल और पढ़ाई में भी आगे
अनुपमा चौधरी सिर्फ एक पायलट ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रही हैं। पढ़ाई के साथ उन्होंने खेलों में भी शानदार प्रदर्शन किया। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में बास्केटबॉल खिलाड़ी और स्पोर्ट्स प्रेसिडेंट भी रह चुकी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार सफलता हासिल की और मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाई।

वायुसेना से शुरू हुआ सफर
साल 2009 में उनका चयन भारतीय वायुसेना में हुआ था। इसके बाद उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशनों पर सेवाएं दीं। कैडेट से लेकर विंग कमांडर तक का सफर उन्होंने मेहनत से तय किया। बाद में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और कमर्शियल पायलट के रूप में नई शुरुआत की। फिलहाल वह चारधाम यात्रा में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

परिवार भी करता है सेवा
अनुपमा का परिवार भी देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हैं जबकि उनके पति वायुसेना में विंग कमांडर हैं। परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। शायद यही वजह रही कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने घबराने के बजाय सूझबूझ से हालात संभाले और यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा।

फोन पर दी राहत
घटना के बाद जैसे ही खबर फैली परिवार की चिंता बढ़ गई। इसी दौरान अनुपमा ने अपनी मां को फोन कर कहा कि सब सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। शाम को वह घर पहुंचीं और अगले दिन की उड़ान की तैयारी में जुट गईं। उनके इस शांत और मजबूत व्यवहार ने दिखाया कि मुश्किल समय में हौसला सबसे बड़ी ताकत होता है।

Leave Your Comment