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अंतरिक्ष के बाद शुभांशु शुक्ला की लखनऊ वापसी: मां लिपटकर रोईं, शहर में भव्य स्वागत

अंतरिक्ष के बाद शुभांशु शुक्ला की लखनऊ वापसी: मां लिपटकर रोईं, शहर में भव्य स्वागत

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन पूरा करने के बाद 41वें दिन अपने गृहनगर लखनऊ में कदम रखा। 25 जून 2025 को शुरू हुई उनकी अंतरिक्ष यात्रा के बाद, 15 जुलाई को पृथ्वी पर वापसी और 17 अगस्त को भारत लौटने के बाद, आज 25 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे लखनऊ पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान उनकी मां आशा शुक्ला उनसे लिपटकर रो पड़ीं।

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुभांशु के आगमन पर भारी भीड़ उमड़ी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनका भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट पर स्कूल के बच्चों और स्थानीय लोगों ने तिरंगे लहराकर और फूलों की मालाएं पहनाकर शुभांशु का अभिनंदन किया।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा, "आज लखनऊ के लिए बहुत बड़ा दिन है। शुभांशु ने अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराकर हम सभी को गौरवान्वित किया है। यह हमारे लिए अद्भुत क्षण है।"

सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में भव्य परेड

एयरपोर्ट से शुभांशु का काफिला गोमती नगर स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) की ओर रवाना हुआ, जहां उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की थी। रास्ते में रोड शो का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। सीएमएस में एक भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां स्कूल के छात्र-छात्राओं ने शुभांशु का स्वागत किया। शुभांशु ने स्कूल में बच्चों से मुलाकात की और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, "यह वही स्कूल है जहां मैंने अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना देखा था। आज इसे साकार करने का गर्व है।"

मां की आंखों में खुशी के आंसू

शुभांशु के घर त्रिवेणी नगर में उनके परिवार और रिश्तेदारों ने दीपों और पोस्टरों से स्वागत की तैयारी की थी। उनकी मां आशा शुक्ला ने बेटे से मिलते समय लिपटकर रोते हुए कहा, "मेरा बेटा सुरक्षित लौट आया, यह मेरे लिए सबसे बड़ा सुख है। हमने उसकी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रार्थना की।" उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा, "यह न केवल हमारा, बल्कि पूरे देश का गर्व है। शुभांशु ने भारत का नाम रोशन किया।

शुभांशु की बहन शुचि मिश्रा ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "मैं कल रात से सो नहीं पाई। भाई की वापसी के लिए पूजा-पाठ कर रहे थे। यह हमारे लिए अविस्मरणीय क्षण है।"

मुख्यमंत्री योगी करेंगे नागरिक अभिनंदन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु के स्वागत के लिए विशेष आयोजन की घोषणा की है। आज शाम 4 बजे लोकभवन में शुभांशु का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "शुभांशु की उपलब्धि साहस, समर्पण और विज्ञान के प्रति संकल्प का प्रतीक है। आज हर भारतीय, विशेषकर उत्तर प्रदेशवासी गौरवान्वित है।"

नगर निगम ने शुभांशु के सम्मान में उनके घर के सामने वाली सड़क का नाम उनके नाम पर करने का ऐलान किया है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से शुभांशु इस बार अपने घर में नहीं रुक पाएंगे और गेस्ट हाउस में ठहरेंगे।

शुभांशु की वापसी पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

शुभांशु की वापसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "शुभांशु ने अपने समर्पण और साहस से अरबों सपनों को प्रेरित किया है। यह गगनयान मिशन की दिशा में एक मील का पत्थर है।" रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शुभांशु को भारत का रत्न बताते हुए उनकी उपलब्धि को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।

लखनऊ में शुभांशु के स्वागत के लिए उत्साह चरम पर है। शहरवासियों का कहना है कि शुभांशु ने न केवल लखनऊ, बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ाया है। उनकी यह यात्रा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। शुभांशु अगले तीन दिन लखनऊ में रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

एक्सिओम-4 मिशन की उपलब्धियां

शुभांशु शुक्ला ने 25 जून 2025 को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रा शुरू की थी। 18 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर उन्होंने 310 से अधिक कक्षाएं पूरी कीं और लगभग 1.3 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान उन्होंने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें इसरो द्वारा सौंपे गए सात सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण प्रयोग शामिल थे। इनमें मांसपेशी पुनर्जनन, टार्डिग्रेड परीक्षण, बीज अंकुरण, शैवाल संवर्धन, फसल सहनशीलता, विकिरण प्रभाव, और मानव शरीर विज्ञान से संबंधित अध्ययन शामिल थे। ये प्रयोग भारत के आगामी गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

शुभांशु ने मिशन के दौरान मेथी और मूंग के बीजों को अंतरिक्ष में उगाया और माइक्रोएल्गी पर शोध किया, जो भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए भोजन और ऑक्सीजन की संभावनाओं को खोलता है। उन्होंने 3, 4 और 8 जुलाई को तिरुवनंतपुरम, बेंगलुरु और लखनऊ के 500 से अधिक छात्रों के साथ हैम रेडियो के जरिए संवाद भी किया, जिसका उद्देश्य युवाओं में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ाना था।

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