पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से बलिया निवासी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 6 मई को हुई सनसनीखेज हत्या की जांच के दौरान की गई। हमलावरों ने कार रुकवाकर फायरिंग की थी, जिसमें चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगी थीं।
हरिद्वार से लौटते वक्त गिरफ्तारी
सीबीआई को पहले से सूचना मिली थी कि आरोपी राजकुमार सिंह हरिद्वार से लौट रहा है। इसके बाद टीम ने मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा पर घेराबंदी की। सोमवार सुबह जैसे ही वह वहां पहुंचा, सीबीआई अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया और पूछताछ के लिए 24 घंटे की रिमांड भी हासिल की गई।
पिता को फोन से मिली खबर
राजकुमार के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि सुबह करीब 6:45 बजे सीबीआई अधिकारियों का फोन आया था। अधिकारियों ने बताया कि राजकुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। परिवार के अनुसार, वह तीन दिन पहले बिना बताए घर से निकला था। इससे पहले कुछ लोग सिविल ड्रेस में घर आए थे और राजकुमार की तस्वीर व मोबाइल की जानकारी लेकर गए थे।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
जांच में पता चला कि बलिया के रत्तोपुर गांव निवासी राजकुमार स्नातक प्रथम वर्ष तक पढ़ा था, लेकिन पढ़ाई छोड़ दी थी। वह मुंबई में क्रेन हेल्पर का काम करता था और हाल में विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। तीन साल पहले गांव में मारपीट के एक मामले में उस पर हरिजन एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज हुआ था और वह जेल जा चुका था।
राज सिंह से जुड़ेगा कनेक्शन
इस मामले में इससे पहले 10 मई को बलिया के ही राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया था। वह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता था। अब जांच एजेंसी दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है ताकि हत्या की साजिश और बाकी शामिल लोगों के नाम सामने आ सकें।
जांच के अगले चरण पर नजर
सीबीआई अब इस पूरे हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के बाद कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल इस गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब सबकी नजर जांच के अगले खुलासों पर टिकी हुई है।
