भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा अय्यर इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं। विवाद की शुरुआत एक पुराने वीडियो से हुई, जिसे अब दोबारा वायरल किया जा रहा है। यह वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब पंजाब और कोलकाता के बीच मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हुआ था और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला था। उस दौरान श्रेष्ठा ने मजाकिया अंदाज में एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाबियों का दिल बड़ा है और एक अंक भी दे दिया गया। अब पंजाब के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद उसी वीडियो को लेकर कुछ लोग नाराजगी जता रहे हैं।
पंजाब की हार के बाद बढ़ी ट्रोलिंग
जैसे ही पंजाब की टीम टूर्नामेंट से बाहर हुई, सोशल मीडिया पर श्रेष्ठा को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने उस पुराने वीडियो को फिर साझा करना शुरू कर दिया। आरोप लगाए गए कि उन्होंने दूसरे दल का मजाक उड़ाया था। हालांकि समय बीतने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आया और बात केवल आलोचना तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया पर कई आपत्तिजनक और निजी टिप्पणियां भी की जाने लगीं, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
श्रेष्ठा ने वीडियो जारी कर दी सफाई
लगातार बढ़ रही प्रतिक्रियाओं के बाद श्रेष्ठा अय्यर ने खुद सामने आकर अपनी बात रखी। उन्होंने वीडियो साझा करते हुए कहा कि उनका पुराना वीडियो केवल मजाक के तौर पर बनाया गया था और उसका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि वह हर क्रिकेटर का सम्मान करती हैं क्योंकि उनका अपना परिवार भी खेल से जुड़ा है। उनके मुताबिक लोगों ने उस वीडियो को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और गलत तरीके से समझा।
परिवार और कामकाज तक पहुंचा मामला
श्रेष्ठा ने यह भी बताया कि यह मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। उनके अनुसार कुछ लोग उनके कार्यस्थल तक फोन कर रहे हैं और उनके साथ काम करने वाले लोगों तथा परिवार के सदस्यों को भी परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल या मजाक के कारण परिवार और निजी जिंदगी को निशाना बनाना सही नहीं है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि किसी को उनसे नाराजगी है तो वह सीधे उन्हें निशाना बनाए, लेकिन उनसे जुड़े लोगों को परेशान न करे।
क्रिकेटरों के परिवार फिर बने निशाना
यह पहली बार नहीं है जब किसी खिलाड़ी के परिवार को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया हो। पहले भी कई खिलाड़ियों के परिवार और करीबी लोगों को खेल के नतीजों के बाद आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खेल की प्रतिस्पर्धा और निजी जिंदगी के बीच की सीमा आखिर कहां खत्म हो जाती है।
