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UP में दिल दहला देने वाला हादसा: खेलते वक्त 22 फीट से गिरा बच्चा, आर-पार हुआ सरिया

UP में दिल दहला देने वाला हादसा: खेलते वक्त 22 फीट से गिरा बच्चा, आर-पार हुआ सरिया

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक ऐसी घटना घटी है, जो हर माता-पिता के दिल को चीर देगी। रविवार सुबह करीब 10 बजे, मात्र 5 साल के मासूम जैन नामक बच्चे की जिंदगी मौत के मुंह में समा गई। खेलते-खेलते दो मंजिला मकान की छत से 22 फीट की ऊंचाई से गिर पड़ा वह, और नीचे निर्माणाधीन नाले की सरिया उसके नन्हे पेट को चीरते हुए आर-पार हो गई। करीब 7 घंटे तक असहनीय दर्द से तड़पते हुए जैन को बचाने के लिए परिवार ने आस-पास के लोगों से चंदा इकट्ठा किया। आखिरकार, कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद उसकी जान तो बच गई, लेकिन चोटें इतनी गंभीर हैं कि डॉक्टरों ने अभी भी चिंता जताई है।

यह हृदयविदारक घटना फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के रामनगर मोहल्ले में घटी। जैन अपने माता-पिता वकील अहमद और परिवार के साथ मौसी साजिया की 31 अक्टूबर को होने वाली शादी के सिलसिले में रिश्तेदारों के घर रामनगर पहुंचा था। वकील अहमद फतेहपुर शहर के मुरैन टोला में रहने वाले एक निजी क्षेत्र के कर्मचारी हैं, और जैन उनका इकलौता बेटा है। सुबह के वक्त जैन पड़ोस के बच्चों के साथ छत पर गुब्बारों से खेल रहा था। अचानक उसका पैर फिसला, और वह सीधे नीचे निर्माणाधीन नाले पर गिर पड़ा। वहां खड़ी लोहे की मोटी सरिया उसके पेट में धंस गई, जो पीछे की तरफ से बाहर निकल आई। चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्य दौड़े, लेकिन सरिया इतनी गहराई से चुभी थी कि उसे निकालना नामुमकिन था।

वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि संकरी गली में भीड़ जमा हो गई। बच्चे का छोटा सा शरीर सरिया से जकड़ा हुआ था, और वह दर्द से कराह रहा था। पड़ोसी ग्राइंडर मशीन से सरिया को काटने में जुट गए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सरिया को काटा गया, लेकिन पूरा हिस्सा बच्चे के शरीर में ही फंसा रहा। परिवार ने फौरन उसे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर चोट बताते हुए कानपुर रेफर कर दिया। रास्ते में जैन की हालत बिगड़ती चली गई, और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते वह बेहोश हो चुका था।

रीजेंसी अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सरिया पेट के अलावा आंतों और अन्य आंतरिक अंगों को चोट पहुंचा चुकी थी। साथ ही, गिरने से कई जगह फ्रैक्चर भी हो गए थे। सर्जरी के लिए कम से कम 5 लाख रुपये चाहिए थे, लेकिन परिवार के पास इतने पैसे कहां? वकील अहमद ने बताया, "डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन 5 लाख का होगा, लेकिन मेरे पास तो एक-दो हजार भी नहीं थे। मेरे जीजा लद्दन ने मोहल्ले वालों से अपील की। लोगों ने दिल खोलकर मदद की, और 2.8 लाख रुपये इकट्ठे हो गए। उसके बाद ही सर्जरी शुरू हुई।" सर्जरी करीब 7 घंटे चली, जिसमें सरिया को सावधानी से निकाला गया और क्षतिग्रस्त अंगों की मरम्मत की गई। लद्दन पठान, जैन के चाचा ने कहा, "हमने जैसे-तैसे 2.8 लाख जुटाए, लेकिन बाकी पैसे अभी भी जमा करने हैं। भगवान से प्रार्थना है कि मेरा भतीजा जल्द ठीक हो जाए।"

अस्पताल के सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने बताया, "बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी। सरिया इतनी गहराई से घुसी थी कि थोड़ी सी चूक घातक साबित हो सकती थी। सर्जरी सफल रही, लेकिन रिकवरी में समय लगेगा। आंतरिक चोटों के कारण इंफेक्शन का खतरा बरकरार है।" जैन अब आईसीयू में है, और डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे क्रिटिकल होंगे। परिवार ने बताया कि जैन को होश तो आ गया है, लेकिन दर्द की वजह से वह बोल नहीं पा रहा।

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