राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है यहां पिपलोदी गांव में सुबह करीब 7:45 बजे, पिपलोदी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत की छत अचानक ढह गई, जिसके मलबे में कई बच्चे दब गए। इस दुखद घटना में कम से कम 6 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक हादसा उस समय हुआ जब बच्चे सुबह की प्रार्थना सभा के लिए इकट्ठा हो रहे थे। घटना के समय स्कूल में लगभग 60-70 बच्चे और शिक्षक मौजूद थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों, शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में फंसे बच्चों को निकालने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया। घायल बच्चों को तुरंत मनोहर थाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 10 बच्चों को झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर किया गया, जिनमें से 3-4 की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कारण इमारत की कमजोर और जर्जर हालत इस हादसे का प्रमुख कारण है। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, स्कूल भवन की स्थिति लंबे समय से खराब थी, और इस संबंध में कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को "दुखद बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "मेरी संवेदनाएं प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, " राजस्थान के झालावाड़ में एक विद्यालय की छत गिरने से कई विद्यार्थियों की मृत्यु और घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है। मेरी प्रार्थना है कि ईश्वर शोक संतप्त परिवारजनों को यह पीड़ा सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मैं इस दुर्घटना में घायल हुए विद्यार्थियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "पिपलोदी, झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से हुआ दुखद हादसा अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। संबंधित अधिकारियों को घायल बच्चों के उचित इलाज के लिए निर्देश दिए गए हैं।"
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, "यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैंने जिला कलेक्टर और शिक्षा अधिकारी को सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस घटना पर दुख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "झालावाड़ के मनोहरथाना में सरकारी स्कूल भवन गिरने से कई बच्चों और शिक्षकों के हताहत होने की खबर आ रही है। मैं प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में जानमाल का नुकसान कम से कम हो और घायल जल्द स्वस्थ हों।



