रूस-यूक्रेन के बीच जंग थमने का नाम ही नही ले रही है, 7 सितंबर 2025 रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में अब तक का सबसे बड़ा हवाई और ड्रोन हमला किया है, इस हमले में यूक्रेनी सरकार की मुख्य सरकारी इमारत, प्रधानमंत्री का कार्यालय को निशाना बनाया गया है।
यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने रातभर के हमले में 805 ईरान-निर्मित शाहेद ड्रोन और डिकॉय के साथ-साथ 17 क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से 751 ड्रोन को यूक्रेनी वायु रक्षा द्वारा मार गिराया गया। हालांकि, 9 मिसाइलें और 56 ड्रोन 37 अलग-अलग स्थानों पर गिरे, जिससे 8 स्थानों पर मलबे से नुकसान हुआ।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि रूस जानबूझकर नागरिक और सरकारी ढांचों पर हमले कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस हमले से जापोरिज्जिया, क्रीवी री, ओडेसा, सुमी, और चेर्निहीव जैसे क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिए सिबिहा ने सोशल मीडिया पर हमले की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि रूस अपने "आतंक" को और बढ़ा रहा है।
यूक्रेनी सरकार की प्रतिक्रिया
यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्वीरीडेंको ने हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने सरकारी मुख्यालय की क्षतिग्रस्त इमारत की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा, "आज सुबह हुए रूसी हमले के बाद यूक्रेन सरकार का मुख्यालय कुछ इस तरह दिख रहा है। हमारी पूरी टीम रोज़ाना इसी इमारत में काम करती है।" उन्होंने रूस पर कड़े प्रतिबंधों की मांग की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगा।
ज़ेलेंस्की ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी प्रतिक्रिया देने की अपील की, यह कहते हुए कि रूस का यह हमला न केवल यूक्रेन के लिए, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यूरोप और अमेरिका से और अधिक सैन्य सहायता और हवाई रक्षा प्रणालियों की मांग की।
जवाबी कार्रवाई
हमले के जवाब में, यूक्रेनी सेना ने रूस के दुझबा पाइपलाइन पर ड्रोन हमला किया, जो रूस से हंगरी और स्लोवाकिया को तेल की आपूर्ति करता है। यूक्रेनी सेना के अनुसार, इस हमले से पाइपलाइन को "कम्प्लेक्स फायर डैमेज" पहुंचा। यह जवाबी हमला रूस के आर्थिक हितों को निशाना बनाने की यूक्रेन की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने हाल ही में रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने की बात कही थी, ने इस हमले की निंदा की। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रशासन युद्ध को जल्द समाप्त करने के लिए काम कर रहा है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि रूस पर भरोसा नहीं किया जा सकता और इस तरह के हमले युद्ध को और जटिल बनाते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और तब से यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल रहा है। रूस ने यूक्रेन के लगभग 20% क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है, और युद्ध के कारण हजारों लोग मारे गए हैं, हाल के महीनों में, रूस ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव किया है, जिसमें ग्लाइड बम और ड्रोन हमलों का उपयोग बढ़ा है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी रूस के अंदर गहरे सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं, जैसे कि मॉस्को और अन्य क्षेत्रों में ड्रोन हमले।



