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आजम खान की करीबी का राजभर पर बड़ा दावा, बोलीं- सपा में आना चाहते हैं ओम प्रकाश राजभर

आजम खान की करीबी का राजभर पर बड़ा दावा, बोलीं- सपा में आना चाहते हैं ओम प्रकाश राजभर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रूचि वीरा ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। रूचि वीरा ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि ओम प्रकाश राजभर खुद समाजवादी पार्टी में आने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी के सभी सांसद एकजुट हैं और पार्टी नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनके मुताबिक पार्टी में टूट या फूट की बातें केवल अफवाह हैं, जिन्हें जानबूझकर फैलाया जा रहा है।

पीडीए सम्मेलन में न बुलाने पर जताई नाराजगी

रूचि वीरा ने मुरादाबाद में आयोजित पीडीए सम्मेलन को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी पार्टी या राष्ट्रीय नेतृत्व से नहीं है, बल्कि कुछ स्थानीय नेताओं से है जो गुटबाजी करके पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। सांसद का कहना है कि ऐसे लोगों की शिकायत वह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से करेंगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है, ऐसे में अंदरूनी खींचतान नुकसान पहुंचा सकती है।

रामगोपाल यादव के पत्र पर भी दिया जवाब

सपा सांसद ने पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखे जाने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सांसद या नेता को अपनी बात रखने का अधिकार है। इसमें कुछ असामान्य नहीं है। अगर इस मुद्दे पर कोई सवाल है तो उसका जवाब गृह मंत्री अमित शाह बेहतर तरीके से दे सकते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया।

क्या कहा था ओम प्रकाश राजभर ने?

दरअसल, ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मुरादाबाद के पीडीए सम्मेलन में रूचि वीरा की गैरमौजूदगी पर तंज कसा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि आखिर सांसद कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचीं। राजभर ने अपने पोस्ट में समाजवादी पार्टी के भीतर मतभेद और नाराजगी का संकेत देते हुए कई तीखी टिप्पणियां की थीं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। अब रूचि वीरा के जवाब ने इस सियासी बयानबाजी को और गर्म कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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