रोहित शर्मा आज इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने बल्लेबाजी छोड़ने का फैसला कर लिया था। इसकी वजह कोई खराब फॉर्म नहीं बल्कि लंबी लाइन थी। सेलेक्शन ट्रायल के दौरान बल्लेबाजों की लंबी कतार देखकर उन्होंने इंतजार करने से बचने के लिए गेंदबाजी की लाइन चुन ली और यहीं से उनका करियर एक ऑफ स्पिन गेंदबाज के तौर पर शुरू हुआ।
गेंदबाज के रूप में मिली पहचान
शुरुआती दिनों में रोहित शर्मा ने खुद को एक गेंदबाज के तौर पर साबित करने की कोशिश की। जिस टूर्नामेंट में उनका चयन हुआ था, उसमें उन्होंने पूरे समय गेंदबाज के रूप में खेला। इसी दौरान उनके खेल ने लोगों का ध्यान खींचना शुरू किया। यह वही दौर था, जब उनकी प्रतिभा पहली बार सही मायनों में सामने आई।
कोच दिनेश लाड की नजर पड़ी
रोहित के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब दिनेश लाड की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने एक टूर्नामेंट के फाइनल में रोहित का खेल देखा और तुरंत उन्हें अपने स्कूल से खेलने का मौका दिया। यहीं से रोहित के करियर ने नई दिशा पकड़ी और उनके अंदर छिपा बल्लेबाज धीरे-धीरे बाहर आने लगा।
ऑलराउंडर से बने बल्लेबाज
स्कूल टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सके। रोहित शर्मा को ऑलराउंडर के तौर पर खेलने का मौका मिला। इसी दौरान उन्हें ओपनिंग करने का भी मौका दिया गया। जब उन्होंने बल्ले से रन बनाने शुरू किए, तो धीरे-धीरे उनका फोकस बल्लेबाजी पर बढ़ता चला गया और यहीं से उनकी असली पहचान बनने लगी।
आज बन चुके हैं रिकॉर्ड मशीन
आज रोहित शर्मा के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 20000 से ज्यादा रन और 50 से ज्यादा शतक दर्ज हैं। उन्होंने अपने दम पर कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। अब हर बड़े मुकाबले में उनकी बल्लेबाजी पर ही टीम की उम्मीदें टिकी होती हैं।
जन्मदिन पर खास कहानी
30 अप्रैल 2026 को 39 साल के हुए रोहित शर्मा की यह कहानी बताती है कि कभी-कभी छोटी सी घटना भी जिंदगी बदल देती है। जो खिलाड़ी लाइन में खड़े होने से बचने के लिए बल्लेबाजी छोड़ने को तैयार था, वही आज दुनिया के सबसे खतरनाक ओपनर में गिना जाता है।
