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पेट का दुश्मन बन गया स्ट्रीट फूड

पेट का दुश्मन बन गया स्ट्रीट फूड

गैस्ट्रो विभाग में डायग्नोसिस के आधार पर रिसर्च रिपोर्ट
2389 मरीजों की रिपोर्ट रिसर्च में ली गई
2069 की केस हिस्ट्री में स्ट्रीट फूड और बाहर के पानी का इस्तेमाल पाया गया
गैस्ट्रो विभाग में बैक्टीरियल डायरिया 90 फीसद मरीजों में मिला
आंतों में हुआ गंभीर संक्रमण मिला, 60 फीसदी पांच दिन तक रहे डिहाइड्रेशन के शिकार

न्यूजप्लस डेस्क। राजेश द्विवेदी
चटोरापन और नए युग में शाम को नियमित तरीके से स्ट्रीट फूड का शौक अब पेट का दुश्मन बन गया है। तकलीफ के बाद भी स्ट्रीट फूड का स्वाद उनकी जुबां छोड़ने को तैयार नहीं है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्ट्रीट फूड से पनपा बैक्टीरियल संक्रमण डायरिया का बड़ा कारण बन गया है। 90 फीसद में बैक्टीरियल संक्रमण इसी स्ट्रीट फूड से हो रहा है। ऐसे में बीमारों को कई दिनों के इलाज के बाद ही राहत मिल पा रही है।

इसका खुलासा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज गैस्ट्रोएंट्रालॉजी विभाग की एक रिसर्च रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट की माने तो दो सालों में विभाग में डायरिया और एक्यूट डायरिया के 2389 मरीज रिपोर्ट हुए। इनमें 2069 की केस हिस्ट्री में स्ट्रीट फूड और बाहर के पानी का इस्तेमाल पाया गया। सिर्फ 67 को घर के खाने से डायरिया हुआ जबकि 253 को पहले से आ रही पेट की बीमारियों ने डायरिया का शिकार बना दिया। स्ट्रीट फूड से डायरिया मरीजों की केस हिस्ट्री और पैथालाजी टेस्ट किए गए तो सामने आया कि उनकी आंतों में गंभीर संक्रमण भी पनपा और 60 फीसदी पांच दिन तक रहे डिहाइड्रेशन के शिकार रहे। इन बीमारों में की उम्र 16-54 साल रही। हालांकि 296 मरीजों एक पखवारे के बाद भी इलाज चल रहा, क्योंकि उनका इलेक्ट्रोलाइट सिस्टम इतना बिगड़ गया है कि वह संभल नहीं सका है।
रिपोर्ट की मानें तो देर से इलाज ने 563 मरीजों को डिसेंट्री में ढकेला और इन्हीं मरीजों की किडनी भी प्रभावित पाई गई इसलिए उन्हें नेफ्रोलाजी विभाग भी रेफर किया गया है।
डायग्नोसिस में यह भी पाया गया कि
-अधिकांश में एसजीपीटी-एसजीओटी बढ़ा मिला
-इम्युनिटी कमजोर के साथ ब्लड प्रेशर सामान्य 80-120 से नीचे मिला। कुछ युवा रोगियों में 62-87 बीपी पाया गया ।

जिम्मेदार क्या बोले ----
स्ट्रीट फूड और बाहर का खाना-पानी कभी भी गुल खिलाकर बीमार कर रहा है। इसमें अचानक तबीयत खराब होने लगती है। देर से आए मरीजों में दो दिन में ही जटिलताएं भी देखी गईं हैं इसलिए उन्हें इमरजेंसी में रखकर इलाज किया गया। अब तो दिन के साथ शाम या रात में बड़ी आबादी परिवार के साथ स्ट्रीट फूड ले रही है। इसमें कभी भी कोई चीज नुकसान कर जाती है। बाहर के खानपान से बचना ही होगा।
-डॉ.विनय कुमार, हेड, गैस्ट्रोएंट्रालॉजी , जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

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