उत्तर प्रदेश के कानपुर एयरपोर्ट पर रविवार दोपहर एक अजीबोगरीब घटना ने हड़कंप मचा दिया। दिल्ली के लिए रवाना होने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में अचानक एक चूहा घुस आने से पूरी उड़ान रुक गई। लगभग 140 यात्रियों को विमान से उतारकर एयरपोर्ट लाउंज में भेज दिया गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यह कदम उठाया गया, लेकिन इस घटना ने एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली से दोपहर 2:10 बजे कानपुर एयरपोर्ट पर पहुंची थी। यह विमान 2:50 बजे वापस दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला था। उड़ान भरने से ठीक पहले क्रू मेंबर्स ने केबिन में एक चूहा घूमते हुए देख लिया। चूहे की मौजूदगी को गंभीर खतरा मानते हुए ग्राउंड क्रू ने तुरंत कार्रवाई की। फ्लाइट को रोक दिया गया और सभी 140 यात्रियों को सुरक्षित रूप से डी-बोर्ड करा दिया गया। यात्रियों को एयरपोर्ट के वेटिंग लाउंज में स्थानांतरित किया गया, जहां उन्हें चाय-पानी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि चूहे को पकड़ने के लिए पेस्ट कंट्रोल टीम को बुलाया गया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद चूहे को विमान से बाहर निकाला गया और फ्लाइट को दोबारा सैनिटाइज किया गया। इस देरी के कारण फ्लाइट दिल्ली के लिए करीब 2 घंटे लेट रवाना हुई। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज कीं, जिसमें कुछ ने एयरलाइन की लापरवाही का आरोप लगाया। एक यात्री ने कहा, "हम दिल्ली के लिए जा रहे थे, लेकिन एक चूहे ने हमारी पूरी यात्रा बर्बाद कर दी। सफाई का क्या इंतजाम है?"
यात्रियों की परेशानी और प्रतिक्रिया
इस घटना से प्रभावित लगभग 140 यात्रियों में ज्यादातर व्यापारी, छात्र और परिवार शामिल थे। कई यात्रियों को दिल्ली में महत्वपूर्ण मीटिंग्स और अपॉइंटमेंट्स मिस हो गए। एयरपोर्ट पर मौजूद एक यात्री ने बताया, "विमान में चढ़ने के बाद ही क्रू ने हमें उतार दिया। लाउंज में इंतजार करना पड़ा, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।" इंडिगो एयरलाइंस ने एक बयान जारी कर कहा, "यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। चूहे की मौजूदगी का पता चलते ही सभी प्रोटोकॉल फॉलो किए गए। प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड का विकल्प दिया जा रहा है।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि विमान में चूहे या अन्य छोटे जीवों का घुसना दुर्लभ लेकिन गंभीर मामला है। यह न केवल स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकता है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के नियमों के अनुसार, ऐसी घटनाओं में तत्काल डी-बोर्डिंग और सैनिटाइजेशन अनिवार्य है। पिछले साल भी कुछ फ्लाइट्स में इसी तरह की घटनाएं रिपोर्ट हुई थीं, जिसके बाद एयरलाइंस ने सफाई प्रक्रिया को और सख्त किया था।



