logo

BREAKING NEWS
राम मंदिर के दान कक्ष में अब नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल और पर्स, नई व्यवस्था से हर कदम पर रहेगी नजर

राम मंदिर के दान कक्ष में अब नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल और पर्स, नई व्यवस्था से हर कदम पर रहेगी नजर

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानराशि की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ट्रस्ट ने बड़े बदलाव किए हैं। अब दान गिनने वाले कर्मचारियों को कड़े नियमों के साथ काम करना होगा। मंदिर में आने वाला चढ़ावा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होता है। ऐसे में ट्रस्ट ने तय किया है कि दान गणना कक्ष में हर गतिविधि पर पहले से ज्यादा नजर रखी जाएगी। नई व्यवस्था का मकसद दानराशि के प्रबंधन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

बिना जेब वाले कपड़ों में करेंगे कर्मचारी काम

नई व्यवस्था के तहत दान गिनने वाले कर्मचारियों को अब बिना जेब वाले विशेष कपड़े पहनकर गणना कक्ष में जाना होगा। कर्मचारियों को प्रवेश से पहले निर्धारित ड्रेस पहननी होगी। इसका उद्देश्य यह है कि गिनती के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या शक की गुंजाइश न रहे। ट्रस्ट चाहता है कि दान की गिनती पूरी तरह नियमों के तहत हो और हर कर्मचारी की जिम्मेदारी साफ तौर पर तय रहे।

मोबाइल बैग पर्स और झोले पर पूरी रोक

दान गणना कक्ष में अब मोबाइल फोन बैग पर्स झोला और दूसरे निजी सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी। कर्मचारी केवल खाली हाथ अंदर जा सकेंगे। प्रवेश से पहले और बाहर निकलते समय उनकी गहन जांच की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति का सामान अंदर न ले जाए और न ही बाहर लेकर जाए। इस व्यवस्था से गणना कक्ष की सुरक्षा और मजबूत होने की उम्मीद है।

छह से बढ़कर दस हुए सीसीटीवी कैमरे

ट्रस्ट ने दान कक्ष की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ा दी है। पहले यहां छह कैमरों से नजर रखी जाती थी लेकिन अब दस कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से गिनती के दौरान हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी। कौन कर्मचारी किस जगह बैठा है और गिनती के दौरान क्या हो रहा है इसकी पूरी जानकारी कैमरों में दर्ज रहेगी। जरूरत पड़ने पर रिकॉर्डिंग देखकर किसी भी सवाल का जवाब तलाशा जा सकेगा।

हर कर्मचारी का बनेगा पूरा रिकॉर्ड

नई व्यवस्था में सिर्फ कैमरों से निगरानी नहीं होगी बल्कि कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। कौन कर्मचारी किस समय गणना कक्ष में गया कितनी देर तक वहां रहा और कब बाहर आया इसकी जानकारी दर्ज की जाएगी। गिनती शुरू होने और खत्म होने के समय मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति भी रिकॉर्ड होगी। इससे भविष्य में किसी शिकायत या जांच की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना आसान हो जाएगा।

सवालों के बाद ट्रस्ट ने बढ़ाई सख्ती

हाल के दिनों में मंदिर की दानराशि को लेकर उठे सवालों और जांच की चर्चा के बाद ट्रस्ट ने यह कदम उठाया है। ट्रस्ट का कहना है कि यह व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर शक करने के लिए नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के भरोसे को और मजबूत करने के लिए बनाई गई है। अब दान की गिनती से लेकर उसके प्रबंधन तक हर स्तर पर सख्त निगरानी रहेगी। मंदिर प्रशासन की कोशिश है कि आस्था से जुड़े हर रुपये का हिसाब साफ और सुरक्षित रहे।

Leave Your Comment