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स्टेशन की चाय-समोसा कहीं बिगाड़ न दे सफर, जेब और सेहत दोनों पर पड़ सकता है असर, पढ़ें एक क्लिक में

स्टेशन की चाय-समोसा कहीं बिगाड़ न दे सफर, जेब और सेहत दोनों पर पड़ सकता है असर, पढ़ें एक क्लिक में

ट्रेन पकड़ने की जल्दी में यात्री अक्सर स्टेशन से चाय, समोसा, पानी, चिप्स या दूसरी खाने-पीने की चीजें खरीद लेते हैं। लेकिन बिना जांचे कोई भी सामान लेना परेशानी बढ़ा सकता है। हर दुकान खराब नहीं होती, मगर साफ-सफाई, पैकिंग और कीमत पर ध्यान देना जरूरी है। खाने की गुणवत्ता ठीक न होने पर पेट दर्द, उल्टी या फूड पॉइजनिंग जैसी दिक्कत हो सकती है। इसलिए सफर शुरू करने से पहले कुछ मिनट की सावधानी जरूरी है।

पैकेट और एक्सपायरी जरूर देखें

स्टेशन पर पैक्ड सामान खरीदते समय ब्रांड का नाम और पैकिंग ध्यान से देखें। कई बार नामी ब्रांड जैसी दिखने वाली पैकिंग यात्रियों को भ्रमित कर सकती है। बिस्कुट, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक, पानी की बोतल या चिप्स लेते समय एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। पैकेट फूला हुआ हो, सील टूटी हो या सामान पुराना लगे तो उसे न खरीदें। खुले में रखा समोसा या दूसरी तली चीजें भी सोच-समझकर लें।

चाय और समोसे में सफाई का ध्यान

चाय-समोसा खरीदते समय दुकान की सफाई देखें। बर्तन साफ हैं या नहीं, खाना ढककर रखा है या नहीं और विक्रेता कैसे सामान दे रहा है, इन बातों पर नजर रखें। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक खुले में रखा खाना जल्दी खराब हो सकता है। अगर खाने से अजीब गंध आए या स्वाद खराब लगे तो उसे आगे न खाएं। रेलवे में खानपान सेवाओं को स्वच्छता मानकों का पालन करना होता है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है।

MRP से ज्यादा पैसे न दें

स्टेशन पर सबसे आम शिकायत ज्यादा पैसे वसूलने की होती है। पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक और पैक्ड फूड पर MRP साफ लिखी होती है। इसलिए भुगतान से पहले पैकेट पर कीमत जरूर पढ़ें। कोई दुकानदार ज्यादा रकम मांगे तो उससे बिल मांगें। रेलवे ने ओवरचार्जिंग रोकने के लिए POS मशीन, रेट स्टिकर, QR पहचान पत्र और जांच अभियान जैसे कदम बताए हैं।

बिल लेना क्यों है जरूरी

छोटी खरीदारी हो या बड़ी, रसीद लेना जरूरी है। बिल होने से खराब, एक्सपायर या ज्यादा कीमत वाले सामान की शिकायत करना आसान हो जाता है। डिजिटल पेमेंट किया है तो स्क्रीनशॉट या ट्रांजैक्शन डिटेल भी संभालकर रखें। स्टेशन की दुकान, प्लेटफॉर्म नंबर, समय और विक्रेता की जानकारी नोट कर लें। यही जानकारी शिकायत के दौरान आपके काम आएगी और मामले की जांच भी जल्दी हो सकती है।

शिकायत कहां और कैसे करें

अगर खाने की गुणवत्ता खराब मिले, ज्यादा पैसे लिए जाएं या कोई संदिग्ध सामान बेचा जाए तो रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर शिकायत की जा सकती है। यात्री Rail Madad वेबसाइट या ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। स्टेशन पर स्टेशन मास्टर कार्यालय में शिकायत पुस्तिका मांगने का विकल्प भी है। शिकायत में ट्रेन नंबर, स्टेशन, दुकान का नाम, बिल और फोटो जोड़ना मददगार रहेगा। रेलवे के मुताबिक Rail Madad शिकायत और फीडबैक के लिए एकीकृत मंच है।

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