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राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा मोड़, SIT रिपोर्ट में 17 नामों पर सवाल, FIR की तैयारी तेज

राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा मोड़, SIT रिपोर्ट में 17 नामों पर सवाल, FIR की तैयारी तेज

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट ने बड़ी हलचल पैदा कर दी है। रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत 17 लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी के खिलाफ अदालत में दोष साबित नहीं हुआ है और जांच जारी है।

टिन्नू के पास मिली दानपात्र की चाबियां

जांच के दौरान SIT को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास दानपात्रों की चाबियां मिलने का दावा किया गया है। इसे जांच का अहम सुराग माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार टीम ने मंदिर से जुड़े करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति की भी पड़ताल की है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद जिन लोगों की संपत्ति या जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया उनकी जानकारी जुटाई गई है।

20 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी

SIT ने मंगलवार को अपनी करीब 20 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में करीब 150 लोगों से हुई पूछताछ का विवरण बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक टीम ने चढ़ावे का पिछले पांच साल का ऑडिट कराने की सिफारिश की है। साथ ही मंदिर में दान की गिनती और प्रबंधन से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने का सुझाव दिया गया है ताकि भविष्य में किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

ट्रस्ट के पुनर्गठन का सुझाव

रिपोर्ट में ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर प्रशासन के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को CEO नियुक्त करने की सिफारिश भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट राज्य सरकार के जरिए प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। अब आगे का फैसला प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर लिया जाएगा। यह भी तय होगा कि ट्रस्ट के किन पदाधिकारियों की भूमिका पर आगे जांच की जरूरत है और किन व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाना चाहिए।

दो करोड़ की रिकवरी का दावा

मामले में अब तक पांच लोगों की निशानदेही पर करीब दो करोड़ रुपये की रिकवरी का दावा किया गया है। इनमें लवकुश अवनीश अनुकल्प करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू के नाम सामने आए हैं। शुरुआती जांच में चढ़ावे से जुड़ी बड़ी अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में चोरी की रकम 200 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है लेकिन अंतिम आंकड़ा जांच और ऑडिट के बाद ही साफ हो सकेगा।

जांच के बीच मंदिर में कार्यक्रम

जांच के बीच राम मंदिर परिसर में शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। इसमें चंपत राय डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव मौजूद रहे। SIT में विजय विश्वास पंत, आईजी लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और विशेष सचिव वित्त नीलरतन कुमार शामिल हैं। अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर है कि रिपोर्ट के बाद FIR कब दर्ज होती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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