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राम चरण की पेद्दी ने बदली किस्मत? जानिए फिल्म ने जीता दिल या नहीं

राम चरण की पेद्दी ने बदली किस्मत? जानिए फिल्म ने जीता दिल या नहीं

फिल्म की कहानी पेद्दी नाम के एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक पिछड़े पहाड़ी गांव से आता है। गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी है और लोग रोजगार के लिए दूसरे इलाकों में काम करने को मजबूर हैं। पेद्दी खेलों में असाधारण प्रतिभा रखता है। क्रिकेट, कुश्ती और एथलेटिक्स जैसे खेलों में उसका कोई मुकाबला नहीं है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी लड़ाई अपनी पहचान और अपने लोगों के अधिकारों के लिए है।

संघर्ष और सपनों की कहानी
कहानी तब आगे बढ़ती है जब एक सरकारी अधिकारी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की तलाश में गांव पहुंचता है। उसे पेद्दी के बारे में पता चलता है और फिर शुरू होती है उसकी खोज। फिल्म सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहती बल्कि सामाजिक भेदभाव, अवसरों की कमी और पहचान की लड़ाई को भी सामने लाती है। यही वजह है कि पेद्दी की कहानी दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाने में सफल होती है।

राम चरण का दमदार अभिनय
राम चरण इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने अपने किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की है, जो पर्दे पर साफ दिखाई देती है। खेल के मैदान से लेकर भावनात्मक दृश्यों तक उन्होंने हर जगह प्रभाव छोड़ा है। लंबे समय बाद दर्शकों को उनका ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला है जिसमें ऊर्जा, आत्मविश्वास और भावनाएं तीनों नजर आती हैं। फिल्म का बड़ा हिस्सा उनके कंधों पर टिका है और वह इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हैं।

फिल्म की मजबूत और कमजोर कड़ी
निर्देशक बुची बाबू सन ने कहानी को बड़े स्तर पर पेश करने की कोशिश की है। फिल्म का रन टाइम 3 घंटे से ज्यादा है, जिसकी वजह से कुछ दृश्य लंबे महसूस होते हैं। हालांकि खेल प्रतियोगिताएं, संघर्ष और कई अप्रत्याशित मोड़ दर्शकों की रुचि बनाए रखते हैं। कहानी अपने लक्ष्य तक पहुंचती है और अंत में संतोष का एहसास कराती है। यही इसकी सबसे बड़ी सफलता मानी जा सकती है।

संगीत और सह कलाकारों का योगदान
फिल्म का संगीत उतना यादगार नहीं बन पाया जितनी उम्मीद की जा रही थी। हालांकि बैकग्राउंड स्कोर कहानी को मजबूती देता है और कई दृश्यों को प्रभावशाली बनाता है। दिव्येंदु शर्मा ने अपने तेलुगू डेब्यू में अच्छा काम किया है। बोमन ईरानी का किरदार सीमित है लेकिन असर छोड़ता है। वहीं जगपति बाबू, शिवराजकुमार और अन्य कलाकार भी अपनी भूमिकाओं में फिट नजर आते हैं।

जाह्नवी कपूर नहीं छोड़ पाईं असर
फिल्म में सबसे कमजोर कड़ी जाह्नवी कपूर का किरदार माना जा सकता है। उनका रोमांटिक ट्रैक कहानी में बहुत मजबूत नहीं लगता और कई जगह जबरदस्ती जोड़ा गया महसूस होता है। इसके बावजूद फिल्म की मुख्य कहानी, राम चरण का अभिनय और स्पोर्ट्स ड्रामा दर्शकों को बांधे रखते हैं। कुल मिलाकर पेद्दी एक ऐसी फिल्म है जो मनोरंजन के साथ संघर्ष, सपनों और आत्मसम्मान की कहानी भी पेश करती है।

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