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छठ पर्व पर रेलवे की मुश्किलें बढ़ीं: टिकट बुकिंग वेबसाइट और ऐप ठप, यात्रियों में हाहाकार

छठ पर्व पर रेलवे की मुश्किलें बढ़ीं: टिकट बुकिंग वेबसाइट और ऐप ठप, यात्रियों में हाहाकार

छठ पूजा के उत्साह में डूबे देशभर के यात्रियों को आज एक बार फिर भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग वेबसाइट और ऐप (आईआरसीटीसी) ने निराश किया। सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई तकनीकी खराबी के कारण लाखों यात्री अपनी ट्रेन टिकटें बुक करने में असमर्थ साबित हुए। यह दूसरी बार है जब इस सप्ताह आईआरसीटीसी की सेवाएं ठप हो गई हैं, जिससे छठ महोत्सव के लिए घर लौटने की जल्दबाजी में फंसे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।

आउटेज ट्रैकिंग पोर्टल डाउनडिटेक्टर के अनुसार, सुबह 10:07 बजे के आसपास 180 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जो दोपहर 11 बजे के बाद धीरे-धीरे कम हुईं। आपको बता दें यह समस्या विशेष रूप से तत्काल बुकिंग के समय उपजी, जब स्लीपर और एसी कोचों की टिकटें हासिल करने के लिए लाखों यूजर्स एक साथ प्लेटफॉर्म पर लॉग इन करने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य महानगरों से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश लौटने वाले प्रवासी मजदूरों और परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। एक यात्री, दिल्ली के रहने वाले रामेश्वर यादव ने बताया, "मैं छठ के लिए गांव जा रहा हूं, लेकिन ऐप क्रैश हो रहा है। हर बार 'सर्वर एरर' आता है। अब क्या करूं? सड़क मार्ग से जाना पड़ेगा, जो महंगा और थकाऊ है।" यादव जैसे हजारों यात्रियों की यह शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जहां #IRCTCDown और #ChhathRush जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

आईआरसीटीसी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स के ट्वीट्स का जवाब देते हुए कंपनी ने कहा कि "तकनीकी टीम समस्या का समाधान कर रही है।" हालांकि, कई यूजर्स का आरोप है कि ऐप कुछ जगहों पर काम कर रहा है, लेकिन वेबसाइट पूरी तरह ठप है। आर्थिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ संवाददाताओं को ऐप में कोई समस्या नहीं आई, लेकिन डाउनडिटेक्टर पर 51 ऐप-संबंधी और 46 वेबसाइट-संबंधी शिकायतें दर्ज हुईं।

यह आउटेज छठ पूजा के व्यस्ततम समय पर आया है, जब देशभर से लाखों लोग अपने पैतृक स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं। छठ महोत्व, जो कार्तिक शुक्ल पक्ष की छठी को मनाया जाता है, सूर्य देव और छठी माई की पूजा का प्रमुख त्योहार है। इस बार पूजा 27 अक्टूबर से शुरू हो रही है, जिसके लिए ट्रेनों में स्पेशल रन किए जा रहे हैं। रेल मंत्रालय ने छठ के लिए 12,000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया था, लेकिन बुकिंग प्लेटफॉर्म की विफलता ने इन प्रयासों को धक्का पहुंचा दिया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह सप्ताह की दूसरी आउटेज है, जो पिछली बार 19 अक्टूबर को हुई थी, जब 5,000 से अधिक शिकायतें आई थीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या सर्वर ओवरलोड के कारण है। आईटी विशेषज्ञ राजेश कुमार ने कहा, "छठ जैसे त्योहारों में यूजर ट्रैफिक सामान्य से 10 गुना बढ़ जाता है। आईआरसीटीसी का इंफ्रास्ट्रक्चर पुराना हो चुका है, और अपग्रेड की कमी से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। क्लाउड माइग्रेशन या बेहतर बैकअप सिस्टम की जरूरत है।" हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि यूजर्स को टिकट बुक करने में असमर्थता के कारण वैकल्पिक ऐप्स या काउंटर बुकिंग की ओर रुख करना पड़ रहा है, जो और भी जटिलताएं पैदा कर रहा है।

इस आउटेज का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है। छोटे व्यापारियों, जो छठ के लिए सामान लेकर लौट रहे हैं, को भी नुकसान हो रहा है। पटना के एक फल विक्रेता, सुनील पासवान ने शिकायत की, "मैं दिल्ली से ठेकुआ और फल ले जा रहा हूं, लेकिन टिकट न मिलने से मेरा सामान खराब हो जाएगा। रेलवे को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।" इसी तरह, महिलाएं जो परिवार के साथ पूजा की तैयारियां कर रही हैं, वे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, "मां-बहनें इंतजार कर रही हैं, लेकिन आईआरसीटीसी ने सब बर्बाद कर दिया।"

रेलवे के अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखने का भरोसा दिलाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यालय से एक स्रोत ने बताया कि "तत्कालीन समस्या का समाधान हो गया है, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।" लेकिन यात्रियों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स ग्लिचेस की शिकायतें कर रहे हैं, जैसे लॉगिन फेल होना, पेमेंट गेटवे क्रैश और सर्च रिजल्ट न दिखना।

पिछले वर्षों में भी छठ और दिवाली जैसे त्योहारों पर आईआरसीटीसी को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। 2024 में दिवाली रश के दौरान 24 घंटे की आउटेज ने रेलवे को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी। जी न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि समस्या कुछ घंटों में हल हो गई, लेकिन दोहराव ने यात्रियों का विश्वास कम कर दिया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या रेलवे डिजिटल इंडिया के दौर में अपनी बुकिंग सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगा?

वैकल्पिक समाधानों की बात करें तो, यात्रियों को रेलोन ऐप या आरआरसीटीसी काउंटर पर जाना सुझाया जा रहा है। लेकिन भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर यह आसान नहीं। एक यात्री ने सलाह दी, "अभी से मैनुअल बुकिंग कर लें, वरना छठ पर घर न पहुंच सकें।"

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