- एसीजेएम कोर्ट में किया सरेंडर, जमानत प्रार्थना पत्र किया निरस्त
- कोविड के दौरान छात्रों की 16.35 लाख रुपये का किया था फ्राड
पनेशिया पैरामेडिकल साइंसेज एंड नर्सिंग इंस्टीट्यूट में छात्रों की फीस का गबन करने वाली तत्कालीन प्रधानाचार्या को बुधवार कोर्ट ने जेल भेज दिया। कोविड काल में पैरामेडिकल छात्रों की लाखों रुपये फीस फर्जी रसीद बनाकर प्रधानाचार्या ने हड़पा था। बहाना बनाया था कि कोविड के कारण छात्र फीस नहीं जमा कर रहे। फ्राड पड़ने जाने पर इंस्टीट्यूट के सचिव डॉ. विकास शुक्ला ने कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
लखनपुर स्थित पनेशिया पैरामेडिकल कालेज की प्रधानाचार्या रहीं सुजाता सिंह सैनी ने करीब 16,35500 का फ्राड किया था। छात्रों की फर्जी रसीद बनाकर यूपीआई के माध्यम से अपने खाते में पैसे ट्रांसफर कराए थे। प्रबंधन ने जब फीस की जानकारी ली तो बताया कि कोविड के कारण छात्रों की फीस नहीं आ पा रही है।
डॉ. विकास शुक्ला के अनुसार सुजाता सिंह ने करीब दो साल तक लगातार फर्जी रसीद से यह फ्राड किया। इसका खुलासा होने पर कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की विवेचना के दौरान ही वह बच्चों की मार्कशीट भी अपने साथ ले गईं। सुजाता ने अग्रिम जमानत का आवेदन किया, इसी बीच कोर्ट में चार्जशीट पेश हो गई।
पुलिस ने सरेंडर का दबाव बनाया। सुजाता के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी हो गया। पनेशिया पैरामेडिकल कालेज की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता वैभव दीक्षित ने बताया कि वारंट व सरेंडर के दबाव में सुजाता ने बुधवार को एसीजेएम कोर्ट में समर्पण किया। न्यायालय ने जमानत निरस्त कर उसे जेल भेज दिया।



