देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं। यह संबोधन नवरात्रि की पूर्व संध्या पर हो रहा है, जब कल यानी 22 सितंबर से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की नई दरें लागू हो जाएंगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी अपने संबोधन में जीएसटी सुधारों, आत्मनिर्भर भारत अभियान, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और आर्थिक नीतियों पर जोर दे सकते हैं। यह बदलाव आम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी।
पीएम मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से संबोधन की आधिकारिक घोषणा की गई है, लेकिन विषय पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। हालांकि, समय को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी जीएसटी 2.0 के सुधारों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। 3 सितंबर 2025 को हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में ये बदलाव मंजूर हुए थे, और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन्हें लागू करने की घोषणा की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि संबोधन में कई मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं, नई दरों से महंगाई पर नियंत्रण और उपभोक्ताओं को राहत।नवरात्रि और त्योहारों के मौसम में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील। एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर जोर। अमेरिका के नए H-1B वीजा शुल्क और ट्रंप प्रशासन के टैरिफ नीतियों पर भारत का स्टैंड।
पीएम मोदी के पिछले संबोधनों की तरह, यह भी ऐतिहासिक साबित हो सकता है। याद रहे, 2016 में नोटबंदी और कोरोना काल में लॉकडाउन की घोषणाएं भी ऐसे संबोधनों से ही हुई थीं। संबोधन दूरदर्शन, आकाशवाणी और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लाइव प्रसारित होगा।
कल से लागू हो रही नई दरें, क्या बदलेगा?
जीएसटी प्रणाली को सरल बनाने के लिए 12% और 28% के स्लैब को खत्म कर अब मुख्य रूप से दो स्लैब - 5% और 18% - रखे गए हैं। विलासिता और हानिकारक वस्तुओं पर 40% तक की ऊंची दरें लागू होंगी। ये बदलाव 22 सितंबर से प्रभावी होंगे, जो नवरात्रि के पहले दिन से शुरू हो रही है। वित्त मंत्रालय ने 17 सितंबर को CGST की नई दरों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
मुख्य बदलाव
स्लैब की सरलीकरण: पुरानी व्यवस्था में 5%, 12%, 18% और 28% के चार मुख्य स्लैब थे। अब ज्यादातर वस्तुएं 5% या 18% में आ जाएंगी।
शून्य दरें: स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और कुछ आवश्यक सेवाओं पर जीएसटी शून्य।
पुराने स्टॉक पर राहत: कंपनियों को अनबिके सामान पर MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) बदलने की अनुमति दी गई है। स्टिकर या स्टैंपिंग से नई कीमतें अपडेट की जा सकती हैं, बशर्ते मूल MRP भी दिखाई दे। कुछ उत्पादों पर 0.125%, 0.75%, 1.5% और 14% जैसी दरें लागू। पेट्रोलियम उत्पादों को भी शामिल किया गया है।
ये सुधार कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास हैं। सरकार का दावा है कि इससे आम जनता को दैनिक जरूरतों पर राहत मिलेगी, जबकि विलासिता पर राजस्व बढ़ेगा।
क्या सस्ता होगा, क्या महंगा?
| श्रेणी | सस्ती होने वाली वस्तुएं (दर घटी) | महंगी होने वाली वस्तुएं (दर बढ़ी) | नई दर |
|---|---|---|---|
| रोजमर्रा की जरूरतें | पनीर, घी, साबुन, शैंपू, बिस्किट, पेंसिल, दूध (टेट्रा पैक) | चीनी युक्त जूस, ऊर्जा पेय | 5% या 0% |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | छोटी कारें, 350cc तक बाइक, सभी टीवी/मॉनिटर, मोबाइल फोन | लग्जरी कारें, AC, डिशवॉशर (कुछ मामलों में) | 18% |
| सेवाएं | सैलून, जिम, होटल ठहरना, स्वास्थ्य/जीवन बीमा | - | 5% या 18% |
| विलासिता/हानिकारक | - | पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, तंबाकू, बीड़ी, लग्जरी मोटरसाइकिल | 40% |
| अन्य | कागज, सोना, दवाइयां, कपड़े, सोलर पैनल, ई-कॉमर्स खरीदारी | औद्योगिक कच्चा माल, पेट्रोलियम उत्पाद (कुछ) | 18% या 40% |
सिगरेट, तंबाकू और बीड़ी पर पुरानी दरें और सेस जारी रहेंगे। छोटी कारों और बाइक पर 18% से घटकर 5% हो गई है। कई कंपनियां पहले ही कीमतें कम करने की घोषणा कर चुकी हैं, जैसे मदर डेयरी ने टेट्रा पैक दूध 2 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया।
उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था पर असर
त्योहारों के सीजन में शॉपिंग सस्ती हो जाएगी। शहरी परिवारों का मासिक बजट कम होगा, खासकर पर्सनल केयर और फूड आइटम्स पर।अनुपालन आसान, लेकिन पुराने स्टॉक को नई MRP के साथ बेचना होगा। ई-वे बिल में कोई बदलाव नहीं। कर आधार बढ़ेगा, महंगाई नियंत्रित रहेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे जीडीपी ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा।



