देशभर में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है और लोग एसी, कूलर और फ्रिज का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में बिजली का बढ़ता बिल लोगों की चिंता भी बढ़ा रहा है। लेकिन सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने लाखों परिवारों को इस परेशानी से बड़ी राहत दी है। जिन लोगों ने इस योजना के तहत अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं, वे अब बिजली बिल की चिंता से काफी हद तक मुक्त नजर आ रहे हैं।
दो साल पहले हुई शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में इस योजना की शुरुआत की थी। सरकार का लक्ष्य 2027 तक देश के 1 करोड़ घरों में सोलर पैनल लगाना है। योजना को शुरुआत से ही अच्छा समर्थन मिला है। मार्च 2026 तक देश के 26 लाख से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग इस योजना को तेजी से अपना रहे हैं।
300 यूनिट बिजली और सब्सिडी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और सोलर पैनल पर मिलने वाली सब्सिडी है। सरकार 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर 78 हजार रुपये तक की सहायता दे रही है। अलग-अलग क्षमता वाले सिस्टम पर अलग सब्सिडी तय की गई है। योजना के तहत अब तक हजारों करोड़ रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों को दी जा चुकी है।
यूपी वालों को अतिरिक्त फायदा
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यह योजना और ज्यादा फायदेमंद मानी जा रही है। यहां केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा राज्य स्तर पर अतिरिक्त सहायता भी मिल सकती है। इससे लोगों का शुरुआती खर्च कम हो जाता है और सोलर सिस्टम लगवाना आसान बनता है। यही वजह है कि कई परिवार अब इस विकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
25 साल तक राहत की उम्मीद
सोलर पैनल की उम्र आमतौर पर करीब 25 साल मानी जाती है। ऐसे में एक बार सिस्टम लगने के बाद लंबे समय तक बिजली बिल का बोझ कम हो सकता है। लोग एसी, कूलर, पंखे और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल ज्यादा सुविधा के साथ कर सकते हैं। यह योजना सिर्फ बचत ही नहीं बल्कि ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देने का भी हिस्सा मानी जा रही है।
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। आवेदन करने वाले लोगों को अपनी बिजली वितरण कंपनी की जानकारी, उपभोक्ता संख्या और जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। मंजूरी मिलने के बाद अधिकृत विक्रेता से सोलर पैनल लगवाया जा सकता है। इसके बाद जांच प्रक्रिया पूरी होने पर सब्सिडी सीधे खाते में भेजी जाती है।
