15 अगस्त 2025: भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। यह उनका अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण था, जो 103 मिनट तक चला। उन्होंने सुबह 7:34 बजे भाषण शुरू किया और 9:17 बजे समाप्त किया। यह पिछले साल के 98 मिनट के रिकॉर्ड को पार करता है। भाषण में पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, युवा सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुधारों और तकनीकी प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को श्रद्धांजलि दी और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा पेश की।
भाषण की मुख्य थीम 'विकसित भारत@2047' रही, जिसमें 'भारत' शब्द 48 बार, 'आत्मनिर्भर' 26 बार, 'युवा' 28 बार और 'महिला' 26 बार उल्लेखित हुए। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद या परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा और 'नई सामान्यता' (न्यू नॉर्मल) के तहत मजबूत रुख अपनाएगा।
भाषण की प्रमुख बातें और घोषणाएं
1. स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रीय एकता
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों जैसे डॉ. बीआर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और महिला शक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और राष्ट्रीय एकता पर उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का तिरंगा में लिपटा होना और मातृभूमि की स्तुति हर जगह गूंजना गर्व की बात है। हाल की प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
2. राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य सफलताएं
भाषण का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षा पर केंद्रित रहा। पीएम ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता की सराहना की, जिसमें एस-400 'सुदर्शन चक्र' मिसाइल शील्ड ने ड्रोन और मिसाइलों को रोका। उन्होंने 'सुदर्शन चक्र' नामक उन्नत रक्षा प्रणाली की घोषणा की, जो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्थलों की रक्षा करेगी। पाकिस्तान का नाम लिए बिना चेतावनी दी कि भारत आतंकवाद के आकाओं को सजा देगा और सीमा पार से घुसपैठ बर्दाश्त नहीं करेगा। सशस्त्र बलों की 13 बार प्रशंसा की और कहा कि सेना को अब ऑपरेशनल स्वतंत्रता है। नक्सलवाद और माओवाद का भी जिक्र किया।
3. आर्थिक सुधार और रोजगार योजनाएं
पीएम ने जीएसटी सुधारों की घोषणा की, इसे करदाताओं और व्यवसायों के लिए 'दिवाली गिफ्ट' बताया, जो अनुपालन को आसान बनाएगा। युवाओं के लिए 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' लॉन्च की, जो 1 लाख करोड़ रुपये की है और पहली बार नौकरी पाने वालों को 15,000 रुपये की प्रत्यक्ष सहायता देगी। 'युवा मैन्युफैक्चरिंग' को बढ़ावा देने और रॉ मटेरियल उत्पादन पर जोर दिया, जिससे रोजगार सृजन होगा।
4. तकनीकी और ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति
मोदी ने 'मेक इन इंडिया' सेमीकंडक्टर चिप्स का उल्लेख किया, जो साल के अंत तक घरेलू उत्पादन शुरू करेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में 50% स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य समय से पहले हासिल करने की बात कही, साथ ही परमाणु ऊर्जा और हरित तकनीकों में निवेश का जिक्र। 'समुद्रमंथन' योजना का ऐलान किया, जो गहरे समुद्र में गैस और पेट्रोलियम की खोज करेगी। महत्वपूर्ण खनिजों पर शोध को बढ़ावा देने की घोषणा की।
5. अंतरिक्ष और अन्य पहलें
अंतरिक्ष क्षेत्र में मंगलयान जैसी सफलताओं और 300 से अधिक स्पेस स्टार्टअप्स का जिक्र किया। भारत के अपने स्पेस स्टेशन की योजना बताई। सिंधु जल संधि पर मजबूत रुख अपनाया, जल सुरक्षा और टिकाऊ संसाधन प्रबंधन पर फोकस। यूपीआई प्लेटफॉर्म के विस्तार, उर्वरक सुधारों, उद्यमिता और महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने का उल्लेख किया।
6. महिला सशक्तिकरण और सामाजिक मुद्दे
महिलाओं पर 26 बार फोकस किया, उनकी योजनाओं और योगदान को सराहा। किसानों की भलाई और हाल की प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावितों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने भाषण में 140 करोड़ संकल्पों का जिक्र किया और कहा कि यह स्वतंत्रता का महापर्व है। उन्होंने विकसित भारत की दृष्टि पेश की, जिसमें ऐतिहासिक बलिदानों को वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों से जोड़ा। भाषण के बाद उन्होंने विशेष अतिथियों से मुलाकात की और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। यह भाषण न केवल उपलब्धियों का जश्न था, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने का रोडमैप भी।



