logo

header-ad
header-ad
बेगूसराय में पीएम मोदी ने किया 6 लेन ब्रिज का उद्घाटन,  नीतीश कुमार के साथ पुल पर घूमे

बेगूसराय में पीएम मोदी ने किया 6 लेन ब्रिज का उद्घाटन, नीतीश कुमार के साथ पुल पर घूमे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के बेगूसराय में औंटा-सिमरिया गंगा नदी पर बने 6 लेन के पुल का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ मौजूद थे। यह पुल न केवल बिहार के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि यह क्षेत्रीय व्यापार, तीर्थयात्रा और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेगूसराय के सिमरिया में इस पुल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान के साथ पुल पर रोड शो भी किया। इस रोड शो में पीएम मोदी ने भीड़ का अभिवादन किया और स्थानीय लोगों का उत्साह देखा गया। समारोह में पारंपरिक छठ गीतों के साथ उनका स्वागत किया गया।

आपको बता दें औंटा-सिमरिया पुल, राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (NH-31) पर बना हुआ है, जो मोकामा (पटना जिला) और सिमरिया (बेगूसराय) को जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 8.15 किलोमीटर है, जिसमें से 1.86 किलोमीटर का हिस्सा गंगा नदी के ऊपर है। यह पुल एशिया का सबसे चौड़ा एक्सट्राडोस्ड केबल-स्टे ब्रिज है, जिसकी चौड़ाई 34 मीटर है। इसकी निर्माण लागत लगभग 1,870 करोड़ रुपये है। यह पुल पुराने दो लेन वाले राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया है, जो वर्तमान में मरम्मत के दौर से गुजर रहा है और भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है।

पुल का महत्व

औंटा-सिमरिया पुल बिहार के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।

कनेक्टिविटी में सुधार: यह पुल उत्तरी बिहार (बेगूसराय, सुपौल, मधुबनी, अररिया, पूर्णिया आदि) और दक्षिणी बिहार (पटना, शेखपुरा, नवादा, लखीसराय आदि) के बीच यात्रा दूरी को 100 किलोमीटर तक कम करेगा। पहले, भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, जिससे समय और ईंधन की बर्बादी होती थी।

आर्थिक विकास: यह पुल व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देगा। उत्तरी बिहार, जो कच्चे माल के लिए दक्षिणी बिहार और झारखंड पर निर्भर है, अब तेजी से सामग्री प्राप्त कर सकेगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी।

तीर्थयात्रा और सांस्कृतिक महत्व: यह पुल सिमरिया धाम तक आसान पहुँच प्रदान करेगा, जो प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्मस्थान है और जहाँ हर साल कल्पवास मेला आयोजित होता है। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

ट्रैफिक समस्याओं का समाधान: पुराने राजेंद्र सेतु की खराब स्थिति के कारण ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या थी। इस नए पुल से यात्रा समय में कमी आएगी और ट्रैफिक की भीड़ कम होगी। इससे पहले पीएम मोदी ने गया में 13,000 करोड़ रुपये की कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

स्थानीय लोगों ने इस पुल के उद्घाटन पर उत्साह व्यक्त किया। बेगूसराय के निवासी चंदन कुमार ने कहा, "जब भी पीएम मोदी आते हैं, वे बिहार के लिए ढेर सारे उपहार लाते हैं। इस पुल से लोगों को बहुत सुविधा होगी। पहले छोटी दूरी तय करने में भी दो घंटे लगते थे, अब हम 1.5 घंटे में पटना पहुँच सकते हैं।" एक अन्य स्थानीय निवासी नीलेश कुमार ने कहा, "पहले पटना पहुँचने में तीन से चार घंटे लगते थे, अब यह समय एक घंटे से थोड़ा अधिक होगा। यह पीएम मोदी का बिहार के लोगों के लिए तोहफा है।"

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की और कहा कि 2005 से एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से बिहार में विकास और कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "हमने हर क्षेत्र में काम किया है। गया का नाम अब गया जी हो गया है।" उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की पहल के कारण बिहार में सर्वांगीण विकास हो रहा है। यह पुल बिहार के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

Leave Your Comment