अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत पक्तिका में पाकिस्तान द्वारा की गई हवाई हमले में कम से कम 14 नागरिकों की मौत हो गई, जिसमें तीन युवा क्लब क्रिकेटर भी शामिल हैं। यह घटना दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए 48 घंटे के युद्धविराम का उल्लंघन मानी जा रही है, जिससे सीमा पर तनाव और बढ़ गया है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान के साथ होने वाली आगामी त्रिकोणीय टी20 सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया है।
पक्तिका प्रांत के ऊर्गुन और बरमाल जिलों में शुक्रवार शाम को पाकिस्तानी वायुसेना ने कई एयरस्ट्राइक किए। अफगान मीडिया टोलो न्यूज के अनुसार, ये हमले आवासीय इलाकों को निशाना बनाए गए, जहां महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक मौजूद थे। प्रांतीय अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि हमलों में 10 से अधिक नागरिक मारे गए, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि ऊर्गुन जिले में एकत्रित हुए एक समूह पर हमला हुआ, जिसमें तीन युवा क्रिकेटर – कबीर आगा, सिबगतुल्लाह और हारून – शहीद हो गए। ये खिलाड़ी शराना (पक्तिका की राजधानी) में एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच खेलने के बाद ऊर्गुन लौटे थे। बोर्ड ने इसे "पाकिस्तानी शासन द्वारा किया गया कायरतापूर्ण हमला" करार दिया। एसीबी के अनुसार, कुल आठ लोग मारे गए, जिनमें पांच अन्य नागरिक भी थे, जबकि सात लोग घायल हुए।
अफगानिस्तान के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर फजलहक फारूकी ने फेसबुक पर लिखा, "ये निर्दोष नागरिकों और हमारे घरेलू क्रिकेटरों का नरसंहार एक घिनौना और क्षम्य नहीं अपराध है।" वहीं, टी20 कप्तान राशिद खान ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, "पाकिस्तानी हवाई हमलों में नागरिकों की मौत से गहरा दुख हुआ है। यह त्रासदी महिलाओं, बच्चों और उन युवा क्रिकेटरों की जिंदगियां ले चुकी है जो देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते थे। नागरिक इलाकों पर हमला अनैतिक और बर्बर है।"
उभरते सितारे जो सपनों का पीछा कर रहे थे
मृतक क्रिकेटर ऊर्गुन जिले के निवासी थे और स्थानीय क्लब स्तर पर खेलते थे। कबीर आगा (उम्र लगभग 22 वर्ष) एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज थे, जिन्होंने हाल ही में प्रांतीय टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। सिबगतुल्लाह (20 वर्ष) एक तेज गेंदबाज के रूप में उभर रहे थे, जबकि हारून (19 वर्ष) विकेटकीपर-बल्लेबाज थे। ये तीनों शराना में आयोजित एक अनौपचारिक मैच के बाद घर लौट रहे थे, जब हमला हुआ। एसीबी ने इन्हें "अफगानिस्तान के खेल समुदाय का बड़ा नुकसान" बताया।
राशिद खान ने इन युवाओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना देख रहे थे। उनकी मौत ने पूरे क्रिकेट जगत को झकझोर दिया है।"
सीरीज से एसीबी का बहिष्कार
इस त्रासदी के जवाब में एसीबी ने नवंबर में लाहौर और रावलपिंडी में आयोजित होने वाली त्रिकोणीय टी20 सीरीज से हटने का फैसला किया। इस सीरीज में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और श्रीलंका को भाग लेना था, जो 17 नवंबर से शुरू होकर 29 नवंबर को समाप्त होने वाली थी। एसीबी ने बयान में कहा, "पीड़ितों के प्रति सम्मान के तौर पर हम पाकिस्तान के साथ किसी भी मैच में नहीं खेलेंगे। राष्ट्रीय गरिमा सर्वोपरि है।"
पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी भी इस घटना से आहत दिखे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "ये हमला खेल की भावना के खिलाफ है। हमारे युवा खिलाड़ियों की मौत पर पूरा देश शोक में डूबा है।"
युद्धविराम का उल्लंघन
यह हमला अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। दोनों देशों की सीमा पर पिछले एक सप्ताह से गोलीबारी हो रही थी, जिसमें दर्जनों सैनिक और नागरिक मारे गए। बुधवार को दोनों पक्षों ने 48 घंटे का युद्धविराम घोषित किया था, जो दोहा वार्ताओं के दौरान तनाव कम करने के लिए था। लेकिन पाकिस्तान ने शुक्रवार को पक्तिका में हमले किए, जिसे अफगान तालिबान ने "युद्धविराम का घोर उल्लंघन" बताया।
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ये "सटीक हवाई हमले" हाफिज गुल बहादुर ग्रुप (टीटीपी से जुड़े) के ठिकानों पर किए गए थे। इस समूह पर उत्तर वजीरिस्तान में एक सैन्य शिविर पर हमले का आरोप है, जिसमें सात पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों के जवान मारे गए थे। हालांकि, काबुल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हमले नागरिक क्षेत्रों पर केंद्रित थे।
संयुक्त राष्ट्र की सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) ने बताया कि हाल के सीमा संघर्षों में छह प्रांतों में 462 नागरिक हताहत हुए, जिनमें 37 की मौत हुई।
चिंता और शांति की अपील
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना पर चिंता जताई है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कहा, "सीमा पर हिंसा को रोका जाना चाहिए। दोनों देशों को वार्ता की मेज पर लौटना होगा।" भारत ने भी अफगानिस्तान के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा कि नागरिकों पर हमले अस्वीकार्य हैं।
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वह जवाबी कार्रवाई का हकदार है। तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएफपी को बताया, "पाकिस्तान ने युद्धविराम तोड़ा है। हम जवाब देंगे।



