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राशन की लाइन से मिलेगी राहत, अब गेहूं-चावल अलग दुकानों से लेने की होगी सुविधा, पढ़ें पूरी खबर

राशन की लाइन से मिलेगी राहत, अब गेहूं-चावल अलग दुकानों से लेने की होगी सुविधा, पढ़ें पूरी खबर

राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत वाली व्यवस्था सामने आई है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत अब लाभार्थी अपने हिस्से का राशन किसी एक दुकान से ही लेने के लिए मजबूर नहीं रहेंगे। जरूरत पड़ने पर गेहूं एक राशन दुकान से और चावल दूसरी दुकान से लिया जा सकता है। इसका फायदा खासकर उन लोगों को होगा, जिन्हें दुकान पर लंबी लाइन, मशीन की दिक्कत या अनाज खत्म होने जैसी परेशानी झेलनी पड़ती है। सरकार की यह सुविधा राशन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश है।

पूरा या थोड़ा राशन लें
इस व्यवस्था में लाभार्थी अपने तय हिस्से का राशन एक बार में पूरा भी ले सकता है और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग बार में भी। सरकारी जानकारी के मुताबिक वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में पूरा या आंशिक राशन लेने की सुविधा है। यानी परिवार का कोई सदस्य गांव में राशन ले सकता है, जबकि काम के लिए दूसरे शहर गया सदस्य अपने हिस्से का अनाज वहां से ले सकता है। इससे प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों की बड़ी परेशानी कम होती है।

देशभर में मिलेगी सुविधा
वन नेशन वन राशन कार्ड का मतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत बने राशन कार्ड से देश में किसी भी ई-पॉस वाली उचित मूल्य दुकान से राशन लिया जा सकता है। इसके लिए नया राशन कार्ड बनवाने या पुराने कार्ड को सरेंडर करने की जरूरत नहीं होती। लाभार्थी को अपना मौजूदा राशन कार्ड और पहचान की जानकारी लेकर दुकान पहुंचना होता है। वहां मशीन पर रिकॉर्ड देखकर उसका बचा हुआ राशन बताया जाता है।

अंगूठे से होगी पहचान
राशन लेने के लिए दुकान पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल मशीन का इस्तेमाल होता है। लाभार्थी की पहचान आधार से जुड़े बायोमेट्रिक यानी अंगूठे या उंगली के निशान से होती है। मशीन में पहचान सही होने पर राशन का रिकॉर्ड खुल जाता है और दुकानदार अनाज देता है। अगर किसी जगह मशीन या नेटवर्क में दिक्कत हो तो लाभार्थी को पास की दूसरी ई-पॉस वाली दुकान पर जाने का विकल्प मिल सकता है। हालांकि स्थानीय व्यवस्था और स्टॉक की स्थिति अलग हो सकती है।

प्रवासी परिवारों को फायदा
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन मजदूरों को मिलता है जो रोजगार के लिए गांव छोड़कर दूसरे शहर या राज्य में रहते हैं। पहले उन्हें अपने गांव की दुकान से जुड़े रहना पड़ता था। अब वे जहां काम कर रहे हैं, वहीं पास की राशन दुकान से अपना हिस्सा ले सकते हैं। घर पर रह रहे परिवार के सदस्य भी अपना बचा हुआ हिस्सा गांव में ले सकते हैं। सरकार के मुताबिक यह योजना करीब 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों तक पहुंच बनाने के लिए चलाई जा रही है।

राशन लेते समय रखें ध्यान
राशन लेने से पहले दुकान पर अपना बचा हुआ कोटा जरूर पूछ लें। अनाज मिलने के बाद रसीद या मशीन पर दर्ज मात्रा देखना भी जरूरी है। अगर दुकानदार राशन देने से मना करे, कम अनाज दे या मशीन की दिक्कत बताकर बार-बार लौटाए, तो संबंधित खाद्य विभाग या हेल्पलाइन में शिकायत की जा सकती है। यह सुविधा सभी के लिए राहत है, लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा जब राशन कार्ड आधार से जुड़ा हो और दुकान में ई-पॉस मशीन काम कर रही हो।

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