हाईटेक शहर नोएडा में युवाओं के बीच लग्जरी लाइफस्टाइल का बढ़ता आकर्षण चिंता का विषय बनता जा रहा है। महंगे मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े, लग्जरी बाइक और सोशल मीडिया पर दिखावे की होड़ कई युवाओं को गलत रास्ते की ओर ले जा रही है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में 217 युवा विभिन्न अपराधों में गिरफ्तार होकर जेल पहुंच चुके हैं। इनमें ज्यादातर की उम्र 18 से 20 साल के बीच बताई गई है।
आसान पैसे की चाह पड़ी भारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि कई युवा कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की सोच के कारण अपराध की दुनिया में उतर गए। बिना मेहनत के पैसा हासिल करने और दोस्तों के बीच रुतबा दिखाने की चाह ने उन्हें गलत फैसले लेने पर मजबूर किया। कई मामलों में आरोपियों ने खुद स्वीकार किया कि महंगे शौक और आधुनिक लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए उन्होंने अपराध का रास्ता चुना।
चोरी के मामलों में सबसे ज्यादा गिरफ्तारी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार किए गए 217 युवाओं में सबसे बड़ी संख्या चोरी के आरोपियों की है। पिछले दो वर्षों में चोरी के मामलों में 142 से अधिक युवाओं को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा चेन स्नैचिंग के मामलों में 48 युवाओं पर कार्रवाई हुई। वहीं गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में भी कई युवा पकड़े गए। यह आंकड़े दिखाते हैं कि छोटी उम्र में अपराध की ओर झुकाव तेजी से बढ़ रहा है।
परिवारों के लिए भी बढ़ी परेशानी
अधिकारियों का कहना है कि अपराध का असर सिर्फ आरोपी युवक तक सीमित नहीं रहता बल्कि उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है। एक गलत कदम के कारण युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। पढ़ाई, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा पर इसका सीधा असर पड़ता है। कई परिवार ऐसे मामलों के बाद आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
पुलिस ने अभिभावकों को किया सतर्क
गौतम बुद्ध नगर के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्र ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवारों को यह समझना होगा कि बच्चे किन लोगों के साथ समय बिता रहे हैं और उनकी जरूरतें अचानक क्यों बढ़ रही हैं। अगर कोई युवा बिना आय के महंगी चीजें खरीद रहा है तो उसके पैसों के स्रोत पर ध्यान देना जरूरी है।
समय रहते रोकना जरूरी
विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते सही मार्गदर्शन मिलने पर युवाओं को अपराध की दुनिया में जाने से रोका जा सकता है। जागरूकता, पारिवारिक संवाद और सही संगत युवाओं को बेहतर दिशा दे सकती है। पुलिस भी लगातार अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। उद्देश्य यही है कि युवा अपने भविष्य को संवारें, न कि कुछ समय के दिखावे के लिए उसे खतरे में डाल दें।
