ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहां 28 साल की निक्की भाटी को उसके ही पति और ससुराल वालों ने जिंदा जला डाला वजह सिर्फ इसलिए कि मायके से 35 लाख रुपये दहेज में नहीं मिले।
जांच में जो सच सामने आया है वो और भी डरावना है निक्की की हत्या सिर्फ उसके पति ने नहीं की बल्कि उसके ससुराल पक्ष ने भी इस अपराध में उसका साथ दिया उस रात जब निक्की आग की लपटों में घिरी थी तो सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए वो चिल्ला रही थी बचाओ, मुझे छोड़ दो मुझे लेकिन सामने खड़े उसके पति और सास दोनों चुपचाप देख रहे थे, यानी ये सिर्फ एक पति का गुनाह नहीं…
पूरे घर का पाप है…. क्या ये वो लोग नहीं हैं… जिन्हें बेटियां अपना दूसरा घर मानती हैं… क्या सास-ससुर वो नहीं होते जो मां-बाप की तरह रक्षा करते हैं… सोचिए… एक मां अपने छह साल के बेटे के लिए सपने बुन रही थी… लेकिन उन सपनों को आग के हवाले कर दिया गया…. वो चीखती रही… जीवन की भीख मांगती रही… और पूरा गांव उस दर्दनाक मंजर का गवाह बन गया…आज की ये खबर सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं है… ये सवाल है इस समाज से, इस सिस्टम से… और हर उस सोच से… जो बेटियों को दहेज की बलि चढ़ा रही है….ग्रेटर नोएडा का सिरसा गांव… ये वही जगह है, जहां 17 अगस्त की रात एक ऐसी वारदात हुई…. जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया…निक्की… जो कभी अपने घर की रौनक थी… आज सिर्फ तस्वीरों में कैद होकर रह गई…उसके पति विपिन भाटी ने… योजना बनाकर, थिनर डालकर… उसे जिंदा जला दिया…ये वही विपिन है… जो न कोई काम करता था… न परिवार चलाने की जिम्मेदारी निभाता था…साथी गांव वाले बताते हैं कि वो जुआ खेलता था… रात-रात भर डिस्को में घूमता था… और निक्की की मेहनत की कमाई को अपनी अय्याशी में उड़ाता था…और जब निक्की ने विरोध किया… तो अंजाम वही हुआ जो आप सोच भी नहीं सकते…. निक्की की बहन ने बताया की दीदी ऊपर कमरे में थी… झगड़ा हुआ था… मैं नीचे डॉक्टर से ड्रिप लगवा रही थी… अचानक आवाज आई …मार दो… खत्म कर दो….मैं दौड़ी… तो देखा दीदी आग की लपटों में घिरी सीढ़ियों से नीचे आ रही थी…वो चिल्ला रही थी …बचाओ मुझे, मत मारो मुझे…लेकिन कोई नहीं बचा सका……
गांव के लोग बताते हैं कि विपिन आवारा किस्म का था, काम-धंधा छोड़कर रात-दिन अय्याशी करता था निक्की को घर चलाने के लिए पिता से मदद लेनी पड़ी… और बाद में उसने अपने घर में ही ब्यूटी पार्लर खोला…लेकिन हत्यारा पति ब्यूटी पार्लर के बहाने थिनर खरीद लाया वो थिनर जो दरअसल निक्की की हत्या का हथियार बना सिर्फ इतना ही नहीं परिजनों ने उस पर एक लड़की से प्रेम प्रसंग होने का भी आरोप लगाया है पिछले साल निक्की ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया था मामला परिवार तक पहुंचा लेकिन 'समाज की लोकलज्जा' में इसे दबा दिया गया लेकिन आज वही 'लोकलज्जा'मौत की वजह बन गई।
परिजनों ने कहा हमें पहले से शक था उसका चाल-चलन ठीक नहीं था निक्की कई बार शिकायत करती थी पिछले साल भी मयके पक्ष ने जाकर समझाया था लेकिन किस्मत देखिए इस बार हमारी बेटी को हमसे छीन लिया गया ये घटना जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आई
देशभर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा #JusticeForNikki ट्रेंड करने लगा लोग लिख रहे हैं दहेज लोभी दरिंदों को फांसी दो बेटियां दहेज की बलि क्यों चढ़ें, निक्की हत्याकांड पर पूर्व आईपीएस और पुडुचेरी की पूर्व एलजी किरण बेदी ने कहा, "जब तक हमारा समाज अपने बेटे को अपना बीमा मानता रहेगा तब तक हर माता-पिता यही सोचेंगे कि मेरा बेटा मेरा जीवन बीमा है और मेरी बेटी मेरी ज़िम्मेदारी है मुझे जल्द से जल्द उससे छुटकारा पा लेना चाहिए।



