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नेपाल में बदले नियम, भारतीयों के लिए आईडी अनिवार्य, बालेन सरकार के फैसलों से बढ़ी चर्चा, अब आगे क्या ?

नेपाल में बदले नियम, भारतीयों के लिए आईडी अनिवार्य, बालेन सरकार के फैसलों से बढ़ी चर्चा, अब आगे क्या ?

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के हालिया फैसलों ने भारत और नेपाल संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री बनने के बाद से बालेन शाह लगातार ऐसे फैसले लेते दिखाई दे रहे हैं जिन्हें भारत विरोधी रुख के तौर पर देखा जा रहा है। अब नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले लोगों के लिए नया सुरक्षा नियम लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत भारत से नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों को हर समय पहचान पत्र साथ रखना होगा और सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ेगा।

सीमा पर लागू हुआ नया नियम
भारत और नेपाल के बीच करीब 1751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। लंबे समय से दोनों देशों के नागरिक बिना ज्यादा औपचारिकताओं के एक दूसरे के यहां आते जाते रहे हैं। लेकिन अब नेपाल सरकार ने सीमा पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। नए नियम के मुताबिक बिना पहचान पत्र के भारतीय नागरिकों को नेपाल में प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को आगे जाने दिया जाएगा। इस फैसले के बाद सीमा से जुड़े इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।

विक्रम मिस्री की यात्रा पर भी विवाद
नेपाल से रविवार को यह खबर भी सामने आई कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की प्रस्तावित नेपाल यात्रा रद्द हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री बालेन शाह ने उनसे मुलाकात से इनकार कर दिया था। बताया गया कि बालेन ने केवल अपने समकक्ष स्तर की बैठक की बात कही थी। हालांकि भारत की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। माना जा रहा था कि इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती मिलेगी लेकिन अचानक आई खबर ने नई अटकलों को जन्म दे दिया।

फिर उठा कालापानी विवाद
बालेन शाह सरकार ने पुराने कालापानी और लिपुलेख विवाद को भी फिर से चर्चा में ला दिया है। नेपाल लंबे समय से इन इलाकों पर दावा करता रहा है। हाल ही में चीन की तरफ से मानसरोवर यात्रा को लेकर जारी एडवाइजरी के बाद नेपाल सरकार ने इस मुद्दे को दोबारा उठाया। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के कार्यकाल में भी नया नक्शा जारी किया गया था जिसमें इन इलाकों को नेपाल का हिस्सा बताया गया था। भारत ने तब भी इसे विवाद पैदा करने वाला कदम बताया था।

सीमा व्यापार पर भी असर
नेपाल सरकार ने सीमा से जुड़े कारोबार पर भी नया नियम लागू किया है। अब भारत से नेपाल ले जाए जाने वाले 100 रुपये से ज्यादा मूल्य के सामान पर कस्टम शुल्क लगाया जाएगा। इससे तराई इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वे रोजमर्रा की जरूरत का सामान भारत से खरीदते रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इससे सीमावर्ती इलाकों में महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

पुराने बयानों से भी बढ़ी बहस
बालेन शाह पहले भी अपने बयानों और फैसलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। साल 2022 में उन्होंने ग्रेटर नेपाल का नक्शा साझा किया था। काठमांडू के मेयर रहते उन्होंने फिल्म आदिपुरुष की रिलीज को लेकर भी सख्त रुख अपनाया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत और नेपाल के रिश्ते सामान्य होंगे लेकिन हालिया फैसलों ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर नया सस्पेंस खड़ा कर दिया है।

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