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नवी मुंबई अग्निकांड: फ्लैट में लगी आग, चार लोगो की दर्दनाक मौत

नवी मुंबई अग्निकांड: फ्लैट में लगी आग, चार लोगो की दर्दनाक मौत

दिवाली की चमक-दमक भरी रात में अचानक पनपी एक छोटी सी चिंगारी ने नवी मुंबई के वशी इलाके में एक बहुमंजिला आवासीय भवन को निगल लिया। रायजा रेसिडेंसी सोसाइटी के 10वीं माले पर शुरू हुई आग ने महज कुछ मिनटों में 11वीं और 12वीं माला तक फैलकर चार जिंदगियों को अपनी चपेट में ले लिया। मरने वालों में केरल के अत्तिंगल निवासी एक परिवार के तीन सदस्य—44 वर्षीय सुंदर बालाकृष्णन, उनकी 39 वर्षीय पत्नी पूजा राजन और मात्र छह वर्षीय बेटी वेदिका सुंदर बालाकृष्णन—शामिल हैं, जबकि 12वीं माले पर रहने वाली 84 वर्षीय बुजुर्ग कमला हीरल जैन भी धुएं की चपेट में आ गईं। यह हादसा न केवल एक परिवार का सफाया कर गया, बल्कि पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है।

रात करीब 12:30 बजे शुरू हुई इस आग ने सोसाइटी के एमजीएम कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-14 में स्थित 18 मंजिला रायजा रेसिडेंसी को अपनी लपटों में जकड़ लिया। शुरुआती जांच के मुताबिक, 10वीं माले के एक फ्लैट में लंबे समय से चल रहे एयर कंडीशनर (एसी) के शॉर्ट सर्किट ने आग को जन्म दिया। आग की लपटें एसी की डक्ट और वायरिंग के जरिए तेजी से ऊपरी मालों पर फैल गईं। मोटी काली धुंध ने गलियारों को ढक लिया, जिससे निवासियों को बाहर निकलने में भारी परेशानी हुई। नवी मुंबई फायर ब्रिगेड (एनएमएफबी) के अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने में चार घंटे से अधिक समय लगा, जबकि कूलिंग ऑपरेशन सुबह तक चला।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 40 अग्निशमन कर्मी और आठ फायर टेंडरों को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने मिलकर दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला। मृतक परिवार के पड़ोसी राजेश मेहता ने बताया, "रात के करीब 12:45 बजे चीख-पुकार मची। हमने देखा तो 10वीं माले से धुआं निकल रहा था। सुंदर का परिवार हमेशा हंसमुख रहता था, वेदिका तो पूरे सोसाइटी की लाड़ली थी। सोचा भी नहीं था कि दिवाली की खुशियां इतनी जल्दी मातम में बदल जाएंगी।" वेदिका और उसके माता-पिता 10वीं माले पर रहते थे, जबकि दादी कमला 12वीं माले पर। धुएं से सांस लेने में दम घुटने के कारण सभी की मौत हो गई।

चोटिलों की संख्या 10 बताई जा रही है, जिन्हें फोर्टिस और हीरानंदानी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें 69 वर्षीय मनबेंद्र घोष, 58 वर्षीय मल्लिका घोष, 39 वर्षीय रितिका घोष, 49 वर्षीय भावना जैन, 21 वर्षीय कृष जैन, 51 वर्षीय महावीर जैन, 53 वर्षीय निर्मल जैन, 32 वर्षीय मेहुल जैन, 80 वर्षीय दमयंती अग्रवाल और 18 वर्षीय सुमंती जॉन टोपनो शामिल हैं। ज्यादातर को धुएं से सांस की तकलीफ और मामूली जलनें हुई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है, लेकिन कुछ को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

एनएमएफबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "प्रारंभिक जांच में एसी के शॉर्ट सर्किट का पता चला है। आग एसी डक्ट के जरिए फैली, जो एक बड़ी लापरवाही का संकेत है। अगले दो दिनों में साइट विजिट कर स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर एक्सटिंग्विशर की जांच की जाएगी। क्या ये सिस्टम काम कर रहे थे, यह जानना जरूरी है।" अधिकारी ने यह भी कहा कि भवन प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लग सकता है, क्योंकि कई पुरानी इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरण अप्रचलित हो जाते हैं। नवी मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है ताकि सटीक कारण का पता लगाया जा सके।

यह हादसा महाराष्ट्र में बढ़ते अग्निकांडों की कड़ी का हिस्सा लगता है। मात्र एक दिन पहले मुंबई के कफ परेड में एक 15 वर्षीय लड़के की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ हफ्ते पहले कोस्टल रोड पर कार में आग लगने से दो लोग घायल हुए थे। कांदिवली में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से चार की जान गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरीकरण की रफ्तार में फायर सेफ्टी को नजरअंदाज किया जा रहा है। रायजा रेसिडेंसी जैसी हाई-राइज बिल्डिंग्स में एयर कंडीशनिंग सिस्टम की मेंटेनेंस न करना घातक साबित हो रहा है। "दिवाली पर पटाखों के अलावा घरेलू उपकरणों की जांच जरूरी है," एक फायर सेफ्टी एक्सपर्ट ने चेतावनी दी।

मृतक परिवार केरल के अत्तिंगल से था। सुंदर आईटी सेक्टर में काम करते थे, जबकि पूजा एक प्राइवेट फर्म में नौकरी करती थीं। वेदिका स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा थी। परिवार दो साल पहले नवी मुंबई शिफ्ट हुआ था। केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय से संवेदना संदेश आया है, और शवों को जल्द ही गृह राज्य भेजा जाएगा। सोसाइटी में शोक की लहर है; पड़ोसी महिलाओं ने वेदिका की याद में एक छोटा सा स्मृति सभा आयोजित की। "यह सिर्फ आग नहीं, एक सपने का अंत है," एक स्थानीय निवासी ने कहा।

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