हिमाचल प्रदेश मे इन दिनों मूसलाधार बारिश ने लोगो की परेशानी बढ़ा दी है, चंबा और मंडी जिले में कई बादल फटने से 5 पुल बह गए हैं। चंबा में कंघेला नाले पर बना पुल बह गया। वहीं, मंडी जिले की चौहार घाटी में एक वाहन-यातायात और 3 पैदल पुल बह गए।
बताया जा रहा है की है राज्य में कई दिनों से हड़कंप मचा हुआ है। यहां 20 जून से मॉनसून ने दस्त दे दी थी। तब से लेकर अब तक लगातार बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की खबरें सामने आ रही हैं। जिससे लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है जानकारी के मुताबिक, अब तक हिमाचल प्रदेश में 75 लोगों की मौत हो गई है। कई लोग जख्मी हुए हैं। वहीं, कई तो लोग अपने परिवार से बिछड़ गए।
कुल्लू जिले के रोहतांग दर्रे के राहनीनाला के पास एक कार के सड़क से फिसलकर पहाड़ से नीचे गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। बचाव अभियान अभी भी जारी है। मृतकों और घायलों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।
मौसम विभाग ने 7 जुलाई तक राज्य के सभी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार के मुताबिक, प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने बताया मंडी जिले के पधर उपमंडल के अंतर्गत चौहारघाटी में कोरटांग के निकट नाले में बाढ़ आने से तीन पुलियाएं और जमीन का एक हिस्सा बह गया है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, "... आज सांसद कंगना रनौत ने क्षेत्र का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। मंडी से सांसद होने के नाते वे लोकसभा में बाढ़ के कारण इस क्षेत्र में हुए नुकसान पर चर्चा करेंगी, क्योंकि यह मानसून सत्र है... यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि केंद्र सरकार अधिक सहायता प्रदान करे और राज्य सरकार को इस सहायता के माध्यम से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करनी चाहिए और हम सभी इस दिशा में काम करेंगे।



