243 रन भी नहीं बचा पाए मुंबई की हार, बुमराह की गेंदबाजी बनी हार की सबसे बड़ी वजह, फैंस बोले- ये विलेन बने
आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के साथ वानखेड़े मैदान पर ऐसा हुआ, जो पहले कभी नहीं हुआ था। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ टीम 200 से ज्यादा का स्कोर बचाने में नाकाम रही। मुंबई ने 243 रन जैसा बड़ा लक्ष्य खड़ा किया था, लेकिन इसके बावजूद जीत नहीं मिली। इतने बड़े स्कोर का बचाव न कर पाना साफ तौर पर गेंदबाजों की नाकामी को दिखाता है, जिससे टीम की रणनीति और प्रदर्शन दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जसप्रीत बुमराह का सबसे कमजोर प्रदर्शन
जसप्रीत बुमराह इस मुकाबले में मुंबई के सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने 4 ओवर में 54 रन दिए और एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। उनकी इकॉनमी 13.50 रही, जो उनके स्तर के गेंदबाज के लिए बेहद निराशाजनक है। इस सीजन में भी उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है और अब तक 8 मैचों में वह सिर्फ 2 विकेट ही ले पाए हैं।
आईपीएल करियर का तीसरा सबसे महंगा स्पेल
बुमराह का यह स्पेल उनके आईपीएल करियर के सबसे महंगे स्पेल में से एक बन गया। इससे पहले उन्होंने 2015 में दिल्ली के खिलाफ 55 रन और 2021 में चेन्नई के खिलाफ 56 रन खर्च किए थे। लेकिन इस बार वानखेड़े में 54 रन देना टीम के लिए भारी पड़ गया। खास बात यह है कि यह वही मैदान है, जहां बुमराह को हमेशा खतरनाक गेंदबाज माना जाता रहा है।
डेथ ओवर्स का हथियार हुआ बेअसर
एक समय था जब पावरप्ले और डेथ ओवर्स में बुमराह की गेंदबाजी से बल्लेबाज डरते थे। उनकी यॉर्कर और सटीक लाइन लेंथ टीम के लिए मैच जिताने का काम करती थी। लेकिन इस सीजन में उनकी गेंदबाजी में वह धार नजर नहीं आ रही। बल्लेबाज आसानी से उनके खिलाफ रन बना रहे हैं, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ रहा है।
मुंबई की हार में सबसे बड़ा कारण
243 रन जैसा विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भी हार मिलना इस बात का संकेत है कि गेंदबाजी पूरी तरह विफल रही। खास तौर पर बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती। उनकी खराब गेंदबाजी ने हैदराबाद को मैच में बनाए रखा और अंत में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
आगे के मुकाबलों में सुधार जरूरी
अगर मुंबई इंडियंस को इस सीजन में वापसी करनी है, तो गेंदबाजी में तुरंत सुधार करना होगा। खासकर बुमराह को अपनी पुरानी लय हासिल करनी होगी। क्योंकि जब तक टीम का मुख्य गेंदबाज फॉर्म में नहीं लौटेगा, तब तक बड़े स्कोर भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे और जीत दूर ही रहेगी।
