मिडिल ईस्ट जंग का असर रसोई तक, गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी लोगों चिंता, शहरों में लगी लंबी कतारों के बीच एक्शन में सरकार !
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज जलमार्ग पर बढ़ी पाबंदियों का असर अब भारत की एलपीजी व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों में लोगों को गैस सिलेंडर मिलने में देरी की शिकायतें मिल रही हैं। रेस्टोरेंट, हॉस्टल और कंपनियों के किचन में भी गैस सप्लाई को लेकर परेशानी सामने आने लगी है। कुछ बड़े स्कूलों ने भी संकेत दिया है कि अगर गैस की आपूर्ति और कम हुई तो छात्रों के दोपहर के खाने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
मॉल और रेस्टोरेंट को गैस बचाने की सलाह
दिल्ली के कई बड़े मॉल्स ने अपने यहां चलने वाले रेस्टोरेंट को गैस का सीमित उपयोग करने की सलाह दी है। बताया गया है कि फिलहाल उन्हें करीब 80 प्रतिशत गैस सप्लाई के साथ काम चलाने के लिए कहा गया है। इससे साफ है कि गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है। हालांकि सरकार लगातार लोगों से अपील कर रही है कि घबराने की जरूरत नहीं है और अफवाहों से बचना चाहिए।
सरकार का दावा, सप्लाई सामान्य
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि देश में गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार तेल कंपनियां रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति कर रही हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। कई राज्यों में पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार जांच कर रही हैं ताकि गैस की आपूर्ति में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई तेज
देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है। कुछ शहरों में छापेमारी कर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति गैस की जमाखोरी या ज्यादा कीमत पर बिक्री करता पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और गैस की जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें।
