पश्चिम सिक्किम के यांगथांग विधानसभा क्षेत्र के अपर रिम्बी में गुरुवार देर रात (11 सितंबर 2025) को भारी बारिश के बीच एक भीषण भूस्खलन हुआ। इस प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भूस्खलन के कारण क्षेत्र में भारी तबाही मची, जिसमें कई घर मलबे में बह गए। यह घटना भारी बारिश के कारण हुई, जिसने पहाड़ों को अस्थिर कर दिया और मलबा व पानी ह्यूम नदी में बह गया, जिससे नदी में उफान आ गया।
पुलिस के अनुसार, भूस्खलन में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो घायल महिलाओं को बचाया गया। इनमें से एक महिला, जिसकी पहचान बिष्णु माया पोर्टेल (45 वर्ष) के रूप में हुई, ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरी घायल महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की पहचान भीम प्रसाद लिंबू (53 वर्ष), उनकी बहन अनिता लिंबू (46 वर्ष), उनके दामाद बिमल राय (50 वर्ष), और उनकी सात वर्षीय पोती अंजल राय के रूप में हुई है। लापता तीन लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जोर-शोर से चल रहा है। भारी बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। उफनती ह्यूम नदी पर पेड़ों के तनों से एक अस्थायी पुल बनाकर दो घायल महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया। गेयजिंग के पुलिस अधीक्षक त्सेरिंग शेरपा ने बताया कि बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़ितों तक पहुंचने का प्रयास किया। यांगथांग के स्थानीय विधायक और श्रम मंत्री भीम हांग लिंबू रात करीब 2 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों का नेतृत्व किया।
भारी बारिश और मौसम की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सिक्किम में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और 10 सितंबर को राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने 12 से 15 सितंबर तक सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। भारी बारिश के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे बचाव कार्य और जटिल हो गए हैं।
प्रशासन ने जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई गांव प्रभावित हुए हैं, और सड़क संपर्क टूट गया है। स्थानीय अधिकारियों और बचाव दलों के समन्वित प्रयासों से पीड़ितों को राहत पहुंचाने का कार्य जारी है।
यह पहली बार नहीं है जब सिक्किम में भूस्खलन ने तबाही मचाई है। इससे पहले, सोमवार आधी रात को ग्यालशिंग जिले के थांगशिंग गांव में एक भूस्खलन में 45 वर्षीय बिष्णु की मौत हो गई थी। इसके अलावा, जून 2025 में उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले के छातेन में एक सैन्य शिविर में हुए भूस्खलन में तीन सैनिकों की मौत हो गई थी और छह अन्य लापता हो गए थे। इन घटनाओं से सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।



