उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा गांव में एक पटाखा फैक्ट्री में सुबह के समय एक भीषण विस्फोट हुआ। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। धमाके की आवाज 1 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। विस्फोट के बाद फैक्ट्री से धुएं का घना गुबार उठा, और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए।
जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें फैक्ट्री मालिक आलम, उनकी पत्नी मुन्नी, और उनके दो बेटे शामिल हैं। इसके अलावा, 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी ट्रॉमा सेंटर और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते बचाव अभियान तेजी से चल रहा है।
विस्फोट का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें इसकी जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से रिहायशी इलाके में संचालित हो रही थी, जिसने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। कम से कम आधा दर्जन अग्निशमन वाहन आग पर काबू पाने और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए तैनात किए गए। बचाव दल लगातार मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती तौर पर मलबे में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की। इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि राहत कार्य में तेजी लाई जाए और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उन्होंने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि क्या फैक्ट्री कानूनी रूप से संचालित थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध संचालन के मुद्दे को उजागर किया है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह फैक्ट्री रिहायशी इलाके में बिना उचित लाइसेंस के चल रही थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।



