दिल्ली में विपक्ष का हंगामा: वोटर वेरिफिकेशन के खिलाफ मार्च, राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई सांसद हिरासत में
संसद के मानसून सत्र के दौरान आज विपक्षी दलों के भारत गठबंधन (INDIA ब्लॉक) ने चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। विपक्षी नेता बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को 'वोट चोरी' बताते हुए संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, संजय राउत समेत 300 से अधिक सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव ने पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर कूदने की कोशिश की, जिससे तनाव और बढ़ गया।
सुबह 11 बजे संसद भवन के मकर द्वार से शुरू हुए इस मार्च में 25 से अधिक विपक्षी दलों के सांसद शामिल थे। विपक्षी नेता चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे थे कि बिहार में SIR के नाम पर लाखों वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं, जिससे विपक्षी मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। राहुल गांधी ने इसे 'देशद्रोह' करार देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी, चाहे सेवानिवृत्त हों या नहीं, जवाबदेह होंगे। मार्च के दौरान पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोका, लेकिन नेताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान पर रोका गया था, लेकिन वे आगे बढ़ गए, जिसके बाद हिरासत में लेना पड़ा। हिरासत में लिए गए नेताओं को पुलिस वैन में बैठाया गया, जहां प्रियंका गांधी ने कहा, "सरकार डरती है, सरकार कायर है।" घटना के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
चुनाव आयोग ने दोपहर में INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ बैठक तय की है, जहां विपक्ष अपनी शिकायतें रखेगा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा, "वे गंभीर सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रहे? आपको बता दें हिरासत में लिए गए नेताओं को कुछ घंटों बाद रिहा किए जाने की उम्मीद है। विपक्ष ने कहा कि वे 'संविधान बचाने की लड़ाई' जारी रखेंगे।
SIR और 'वोट चोरी' का विवाद
यह प्रदर्शन बिहार में SIR प्रक्रिया के खिलाफ है, जहां चुनाव आयोग मतदाता सूची की सफाई कर रहा है। विपक्ष का दावा है कि इससे 36 लाख से अधिक वोटरों के नाम हटाए गए हैं, जो मुख्य रूप से विपक्षी समर्थक हैं। राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनके पास 'ओपन एंड शट' सबूत हैं और कर्नाटक में भी ऐसी अनियमितताएं हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से दोषी अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताया है। आयोग का कहना है कि SIR डुप्लिकेट नाम हटाने और आधार कार्ड के जरिए वेरिफिकेशन के लिए है, जिसमें बांग्लादेशी घुसपैठियों के फर्जी वोटर आईडी का मुद्दा भी शामिल है। कुछ स्रोतों में यह भी कहा गया है कि विपक्ष के दावे तेजस्वी यादव के गलत बयानों पर आधारित हैं, जो विश्वसनीय नहीं हैं। चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वे निराधार हैं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रव्यापी बनाने की योजना बनाई है। पार्टी ने एक वेब पेज लॉन्च किया है, जहां लोग चुनाव आयोग से जवाबदेही मांग सकते हैं। विपक्षी नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने राज्यसभा में मार्शलों द्वारा वेल ब्लॉक करने की घटना को 'अभूतपूर्व' बताया।
भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताया। कुछ नेताओं ने कहा कि SIR फर्जी वोटरों को हटाने के लिए जरूरी है, जैसे बेंगलुरु में कुछ मामलों में। भाजपा का दावा है कि विपक्ष नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी की संभावित गिरफ्तारी से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी है और विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर स्पष्टीकरण देगा।



