संसद के मॉनसून सत्र के चौथे दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही विपक्षी दलों के भारी हंगामे के कारण दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने बिहार में चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर तीखा विरोध जताया, जिसमें कथित तौर पर 52 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है।
SIR प्रक्रिया को "मतदाता उत्पीड़न" और "लोकतंत्र पर हमला" करार दिया गया। विपक्ष का दावा है कि यह प्रक्रिया हाशिए पर रहने वाले समुदायों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाती है। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही में विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और "वोट चोरी बंद करो", "SIR वापस लो" जैसे नारे लगाए। स्पीकर ओम बिरला ने शांति की अपील की, लेकिन हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उपसभापति हरिवंश ने 267 स्थगन नोटिस खारिज किए, जिसके बाद विपक्ष ने SIR, पाहलगाम हमले, और उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर चर्चा की मांग की। हंगामे के कारण राज्यसभा भी 2 बजे तक स्थगित।
विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर "लोकतंत्र खतरे में" और "वोट की लूट बंद करो" जैसे नारे लगाए। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, राजद, और वामपंथी दलों ने हिस्सा लिया। "EC-सरकार की मिलीभगत" और "SIR-लोकतंत्र पर वार" जैसे नारे लिखे प्लेकार्ड दिखाए गए।
विपक्ष ने 22 अप्रैल के आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग की। अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत-पाक युद्धविराम दावे पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसे विदेश मंत्री जयशंकर ने खारिज किया। लोकसभा में एक सकारात्मक नोट के रूप में, सदन ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को जीएसएलवी रॉकेट के माध्यम से 'निसार' उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने के लिए बधाई दी। हालांकि, यह चर्चा भी हंगामे की भेंट चढ़ गई।
विपक्षी सांसदों का आरोप है कि बिहार में चल रहा गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण पक्षपातपूर्ण है और इस पर तत्काल चर्चा की जरूरत है। हाल ही में राज्यसभा में 'भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह की बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी को विपक्ष ने अपमानजनक बताया। विपक्षी दलों ने शाह से माफी की मांग की है, जिसे लेकर संसद में कई दिनों से हंगामा चल रहा है। इसके अलावा, विपक्ष ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित धक्का-मुक्की की घटना को भी उठाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसदों ने उनके नेताओं, विशेष रूप से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, के साथ बदसलूकी की। वहीं, भाजपा ने जवाबी आरोप लगाया कि राहुल गांधी की धक्का-मुक्की के कारण उनके सांसद चोटिल हुए।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा, "विपक्ष सदन को चलने नहीं देना चाहता। जनता ने उन्हें रचनात्मक चर्चा के लिए चुना है, न कि हंगामे के लिए।" उन्होंने विपक्ष से मुद्दों पर सार्थक बहस करने की अपील की। वहीं, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "हम महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार हमें दबाना चाहती है। अमित शाह की टिप्पणी अस्वीकार्य है, और हम माफी की मांग करते हैं।"



