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नौकरी में नई सोच का ट्रेंड, ‘लेजी गर्ल जॉब्स’ क्यों बन रहा युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय

नौकरी में नई सोच का ट्रेंड, ‘लेजी गर्ल जॉब्स’ क्यों बन रहा युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय

आज के समय में युवाओं की नौकरी और करियर को लेकर सोच तेजी से बदल रही है। पहले यह माना जाता था कि सफलता पाने के लिए लंबे समय तक काम करना और लगातार मेहनत करना जरूरी है। लेकिन अब कई युवा इस सोच को चुनौती दे रहे हैं। अब वे ज्यादा काम करने के बजाय संतुलित जीवन और कम तनाव वाली नौकरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी सोच से जुड़ा एक नया ट्रेंड सामने आया है, जिसे ‘लेजी गर्ल जॉब्स’ कहा जा रहा है।

एक युवा पेशेवर की बदलती दिनचर्या
उदाहरण के तौर पर 26 साल की मार्केटिंग प्रोफेशनल रिया की दिनचर्या को समझा जा सकता है। वह सुबह अपने घर से काम शुरू करती हैं और दिनभर में तय मीटिंग और जरूरी काम पूरा करती हैं। शाम होते ही वह अपना लैपटॉप बंद कर देती हैं और अपने लिए समय निकालती हैं। पहले वह ऐसी नौकरी करती थीं जहां देर रात तक काम करना पड़ता था और तनाव ज्यादा रहता था। लेकिन अब वह ऐसी नौकरी में हैं जहां काम और निजी जीवन दोनों में संतुलन बना हुआ है।

क्या है ‘लेजी गर्ल जॉब्स’ का मतलब
‘लेजी गर्ल जॉब्स’ एक ऐसा शब्द है जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। इसका मतलब ऐसी नौकरी से है जिसमें काम का दबाव कम हो, काम के घंटे लचीले हों और बिना ज्यादा ओवरटाइम के अच्छी सैलरी मिल सके। इन नौकरियों में जिम्मेदारियां सीमित होती हैं, जिससे कर्मचारी अपने निजी जीवन के लिए भी समय निकाल पाते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि लोग काम से बचना चाहते हैं, बल्कि वे काम को स्मार्ट तरीके से करना चाहते हैं।

तनाव भरे काम से दूर जाने की वजह
कई शोध बताते हैं कि काम का अत्यधिक दबाव कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन पर नकारात्मक असर डालता है। एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार करीब 76 प्रतिशत कर्मचारी कभी न कभी काम से जुड़ा तनाव महसूस करते हैं। वहीं लगभग 28 प्रतिशत लोग कहते हैं कि वे अक्सर काम के कारण दबाव में रहते हैं। लगातार तनाव में रहने वाले कर्मचारियों के बीमार होने और नौकरी बदलने की संभावना भी अधिक होती है।

युवाओं के लिए बदलती प्राथमिकताएं
आज की युवा पीढ़ी अब सिर्फ बड़ी सैलरी या ऊंचे पद को ही सफलता नहीं मानती। वे अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत को भी उतना ही महत्व दे रहे हैं। कई युवा अब ऐसी नौकरी चाहते हैं जहां काम के साथ निजी जीवन भी संतुलित रह सके। उनका मानना है कि अगर जीवन में संतुलन बना रहे तो काम में भी बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।

वर्क लाइफ बैलेंस को मिल रही प्राथमिकता
कई सर्वे बताते हैं कि नई पीढ़ी के पेशेवर काम के साथ आराम और निजी समय को भी जरूरी मानते हैं। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे के अनुसार लगभग 46 प्रतिशत युवा कर्मचारी काम के दौरान तनाव या चिंता महसूस करते हैं। ऐसे में वे ऐसी नौकरी की तलाश करते हैं जिसमें आर्थिक स्थिरता के साथ मानसिक शांति भी मिल सके। यही वजह है कि ‘लेजी गर्ल जॉब्स’ जैसा ट्रेंड युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

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