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हिमाचल के चंबा में भूस्खलन: 11 लोगों की मौत, भारी तबाही

हिमाचल के चंबा में भूस्खलन: 11 लोगों की मौत, भारी तबाही

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की कई घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत की खबर है और कई अन्य घायल हुए हैं। भारी बारिश और भूस्खलन ने जिले में जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

पिछले कुछ दिनों से चंबा जिले में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। चंबा शहर के पास बसोधन पंचायत में एक भाई-बहन भूस्खलन की चपेट में आकर मलबे में दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना बुधवार को हुई और गुरुवार को मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल होने के बाद इसकी जानकारी सामने आई।

मेहला ब्लॉक के अंतर्गत भिमला पंचायत में दो महिलाएं भूस्खलन के कारण मारी गईं। ये महिलाएं अपने घर के पास काम कर रही थीं जब अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हुए। इस घटना में दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।

मेहला उप-मंडल के सुता गांव में 21 जुलाई को तड़के 3-4 बजे एक नवविवाहित जोड़े, पल्लवी और सनी, की भूस्खलन में मौत हो गई। भारी बारिश के कारण पहाड़ी से विशाल चट्टान और मलबा उनके घर पर गिर गया, जिससे घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। पल्लवी अपने मायके आई थीं और सनी उन्हें वापस लेने आए थे। एक अन्य घटना में चारी गांव में भूस्खलन के कारण एक और नवविवाहित जोड़े की मौत हो गई। यह घटना भी भारी बारिश के कारण हुई, जिसमें एक विशाल चट्टान उनके घर पर गिरी।

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के दौरान भारी बारिश ने चंबा सहित कई जिलों में तबाही मचाई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जैसे जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया था।

चंबा और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 154-ए भी खदमुख के पास भूस्खलन से प्रभावित हुआ। भारी बारिश ने बिजली और पानी की आपूर्ति को भी प्रभावित किया है। चंबा और कुल्लू में सैकड़ों बिजली ट्रांसफार्मर और पानी की आपूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण चंबा के तीसा उप-मंडल और शिमला, मंडी, कुल्लू और सिरमौर के कई हिस्सों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने चंबा में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासनिक टीमें घटनास्थलों पर पहुंचकर मलबे से शव निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी हैं।

चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाए हैं। साथ ही, लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

मॉनसून का कहर

20 जून से शुरू हुए मॉनसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक 310 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से 158 मौतें भूस्खलन, बाढ़ और अन्य मौसम संबंधी आपदाओं के कारण हुई हैं। चंबा में 36 और मंडी में 51 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, राज्य में 2,62,336.38 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें सड़कों, पानी की आपूर्ति और बिजली लाइनों को भारी क्षति शामिल है।

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