logo

फारस की खाड़ी का ‘अनाथ मोती’ क्यों बना दुनिया की चिंता, एक छोटा सा द्वीप कैसे भड़का सकता है बड़ा युद्ध ?

फारस की खाड़ी का ‘अनाथ मोती’ क्यों बना दुनिया की चिंता, एक छोटा सा द्वीप कैसे भड़का सकता है बड़ा युद्ध ?

फारस की खाड़ी में मौजूद एक छोटा सा द्वीप इन दिनों अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस द्वीप को अक्सर ‘ऑर्फन पर्ल ऑफ द पर्शियन गल्फ’ कहा जाता है। इसका असली नाम खार्ग द्वीप है और यह ईरान के बुशहर बंदरगाह से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित है। आकार में यह द्वीप बहुत छोटा है, लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस द्वीप पर हमला होता है तो उसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

तेल कारोबार की सबसे बड़ी कड़ी
खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जाता है। दरअसल ईरान के तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप से होकर दुनिया के बाजारों तक पहुंचता है। ईरान दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है और उसके लिए यह द्वीप किसी जीवन रेखा से कम नहीं है। अगर किसी वजह से यहां से तेल की सप्लाई रुक जाती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।

क्यों इतना महत्वपूर्ण है यह स्थान
इस द्वीप की सबसे बड़ी खासियत यहां का गहरा समुद्र है। आमतौर पर बड़े तेल टैंकरों को खड़े होने के लिए समुद्र में ज्यादा गहराई की जरूरत होती है। खार्ग द्वीप के पास समुद्र काफी गहरा है, इसलिए यहां दुनिया के सबसे बड़े तेल जहाज आसानी से आ सकते हैं। इसी वजह से ईरान ने अपने तेल निर्यात का मुख्य केंद्र इसी स्थान को बनाया और यहां बड़ा तेल टर्मिनल तैयार किया गया।

अगर हमला हुआ तो क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस द्वीप पर हमला होता है तो इसके कई बड़े परिणाम सामने आ सकते हैं। पहला, ईरान अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए कड़ा सैन्य जवाब दे सकता है। दूसरा, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री रास्ते प्रभावित हो सकते हैं, जिससे तेल की सप्लाई रुक सकती है। तीसरा, दुनिया के कई देश ऊर्जा संकट का सामना कर सकते हैं क्योंकि वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से गुजरता है।

दूसरे देशों की भूमिका भी बढ़ सकती है
खार्ग द्वीप से निकलने वाले तेल के बड़े खरीदारों में एशिया के कई देश शामिल हैं। अगर यहां की सप्लाई प्रभावित होती है तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे हालात में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ सकता है और कई बड़े देश इस स्थिति में अपनी भूमिका निभाने के लिए सामने आ सकते हैं।

मजबूत सुरक्षा के बीच जारी है सप्लाई
इतनी अहमियत के कारण ईरान ने इस द्वीप की सुरक्षा को बेहद मजबूत बना रखा है। यहां कड़ी निगरानी रहती है और सैन्य व्यवस्था भी तैनात है। सुरक्षा के बावजूद इस द्वीप से तेल की सप्लाई सामान्य दिनों की तरह जारी रहती है। यही वजह है कि खार्ग द्वीप को आज भी दुनिया के ऊर्जा बाजार का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

Leave Your Comment