खलनायक रिटर्न्स के ऐलान के साथ ही फिल्म इंडस्ट्री में जबरदस्त हलचल मच गई है। संजय दत्त ने 24 अप्रैल को इसका फर्स्ट लुक लॉन्च कर फैंस को बड़ा सरप्राइज दिया। 1993 की ब्लॉकबस्टर खलनायक का यह सीक्वल करीब 33 साल बाद सामने आया है, जिससे पुरानी यादें फिर ताजा हो गई हैं।
जेल में आया फिल्म का आइडिया
संजय दत्त ने खुलासा किया कि इस फिल्म का आइडिया उन्हें जेल के दौरान आया था। उन्होंने बताया कि 1993 मुंबई ब्लास्ट केस में सजा के दौरान वह अक्सर साथी कैदियों को ‘खलनायक’ की कहानी सुनाते थे। एक दिन उन्होंने सभी से पूछा कि क्या वे इसका सीक्वल देखना चाहेंगे, तो करीब 4000 कैदियों ने एक साथ हां कह दी। यही प्रतिक्रिया इस फिल्म की नींव बन गई।
कैदियों ने लिखी कहानी
संजय दत्त के मुताबिक, उन्होंने उन कैदियों से कहा कि वे ‘खलनायक’ की नई कहानी लिखें। इसके बाद उन्हें लगभग 4000 पेज की कहानियां मिलीं, जिन्हें पढ़ने में उन्हें काफी समय लगा। यह अनुभव उनके लिए बेहद अलग और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि इन कहानियों ने उन्हें फिल्म को नए नजरिए से देखने का मौका दिया।
सुभाष घई का अहम योगदान
संजय दत्त ने यह भी माना कि इस फिल्म की यात्रा सुभाष घई के बिना संभव नहीं थी। पैरोल पर बाहर आने के बाद उन्होंने कुछ कहानियां सुभाष घई को सुनाईं, जिन्हें सुनकर वह काफी उत्साहित हो गए। घई ने इसे बड़े स्तर पर बनाने की सलाह दी और हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।
फिल्म को लेकर बढ़ी उम्मीदें
फिल्म के ऐलान के बाद फैंस के बीच उत्साह चरम पर है। हालांकि कास्ट और रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है, लेकिन सिर्फ इस घोषणा ने ही लोगों में उत्सुकता बढ़ा दी है। संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ कहानियां खत्म नहीं होतीं, बल्कि फिर से शुरू होती हैं, जिससे साफ है कि यह फिल्म पुराने जादू को नए अंदाज में पेश करेगी।
पुरानी यादों के साथ नई शुरुआत
‘खलनायक रिटर्न्स’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक इमोशनल कनेक्शन बन चुकी है। 90 के दशक की इस आइकॉनिक कहानी को नए दौर में देखने के लिए दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, और अब नजरें इसकी अगली बड़ी अपडेट पर टिकी हैं।
