कानपुर के गुजैनी इलाके में एक शादी खुशी-खुशी शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद में बदल गई। लड़की और लड़के की शादी परिवार की सहमति से तय हुई थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते भी थे। दूल्हा एमबीए करने के बाद नौकरी कर रहा था और लड़की भी पढ़ी-लिखी थी। गेस्ट हाउस में पूरे धूमधाम से बारात पहुंची, स्वागत हुआ, खाने-पीने की व्यवस्था हुई और जयमाल की रस्म भी बिना किसी परेशानी के पूरी हो गई।
चढ़ावे में खुला असली खेल
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब चढ़ावे की रस्म के दौरान दूल्हे द्वारा लाए गए जेवर दुल्हन के पास पहुंचे। तय हुआ था कि मंगलसूत्र के साथ तीन सोने के जेवर दिए जाएंगे, लेकिन दुल्हन और उसके परिवार को जेवर देखकर शक हुआ। उन्होंने तुरंत आपत्ति जताई और जांच की मांग की। मौके पर बुलाए गए ज्वेलर ने जब गहनों की जांच की तो साफ हो गया कि वे असली सोना नहीं बल्कि रोल्ड गोल्ड थे, जिन पर सिर्फ सोने की परत चढ़ी थी।
हंगामा और पुलिस की एंट्री
जैसे ही नकली जेवर की बात सामने आई, गेस्ट हाउस में हंगामा मच गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दूल्हा और उसके परिवार वाले गहनों को असली बताते रहे, जबकि लड़की पक्ष ने इसे धोखा बताया। मामला बढ़ने पर 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को बैठाकर समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
दुल्हन का साफ इनकार
काफी समझाने के बावजूद दुल्हन अपने फैसले पर अड़ी रही। उसने साफ शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति शादी जैसे रिश्ते की शुरुआत में ही धोखा दे रहा है, उसके साथ जीवन बिताना सही नहीं होगा। दुल्हन ने कहा कि यह सिर्फ गहनों का मामला नहीं बल्कि उसके सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। उसने साफ कर दिया कि जयमाल हो चुकी है, लेकिन वह अब इस शादी को आगे नहीं बढ़ाएगी।
खर्च का हिसाब और बारात वापसी
दूल्हा अपनी सफाई में कहता रहा कि उसने असली गहनों के लिए पैसे रखे थे, लेकिन सोने के बढ़ते दामों के कारण वह उन्हें खरीद नहीं पाया और बाद में देने का वादा करता रहा। इसके बावजूद लड़की पक्ष ने समझौता नहीं किया। अंत में दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से खर्च का हिसाब निपटाया और शादी रद्द कर दी गई। भोर होते-होते दूल्हा अपनी बारात के साथ वापस लौट गया और एक रिश्ता बनने से पहले ही टूट गया।
