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कानपुर: चोरी का माल बेचने के बजाय गिरवी रखने पहुंचे चोर, फिर हुआ ये

कानपुर: चोरी का माल बेचने के बजाय गिरवी रखने पहुंचे चोर, फिर हुआ ये

कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में चोरी के एक अनोखे मामले का खुलासा हुआ है। यहां चोरों ने चोरी किए गए माल को बेचने के बजाय एक प्राइवेट बैंक में गिरवी रखने का 'फुलप्रूफ प्लान' बनाया। हालांकि श्याम नगर चौकी इंचार्ज राजेश कुमार की सतर्क रणनीति के चलते चोरों का यह शातिर प्लान नाकाम हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक चोरी की वारदात के बाद आरोपी चोरों ने चोरी का सामान सीधे बाजार में बेचने के बजाय उसे एक निजी बैंक में गिरवी रखने की कोशिश की। लेकिन पुलिस को इस संदिग्ध गतिविधि की भनक लग गई।

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चौकी इंचार्ज राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए समय रहते चोरों को धर दबोचा। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था जो चोरी का माल गिरवी रखकर कानूनी शिकंजे से बचने की कोशिश में था। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। और गिरवी रखा गया चोरी का माल बरामद कर लिया गया है।

बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्हें संदेह क्यों नहीं हुआ। यह मामला चोरी के मामलों में एक नया ट्रेंड दर्शाता है, जिसमें अपराधी अब सीधे माल बेचने के बजाय 'बैंकिंग' तरीके अपना रहे हैं। श्याम नगर पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी वारदात टल गई और शहर को एक संगठित चोर गिरोह से राहत मिली है।

सागर मार्केट के मोबाइल दुकानदारों ने DCP पूर्वी से की शिकायत

कानपुर। सागर मार्केट के मोबाइल बनाने वाले दुकानदारों ने पूर्वी क्षेत्र के डीसीपी से शिकायत कर चौकी इंचार्ज के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदारों का कहना है कि चौकी इंचार्ज उनके खिलाफ फर्जी चालान कर परेशान करते हैं।

व्यापारियों का आरोप है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया तो चौकी इंचार्ज द्वारा प्रताड़ना और बढ़ा दी गई। दुकानदारों का कहना है कि अब हर महीने 5000 रुपये की 'हफ्ता' मांग की जा रही है, जिससे उनका व्यापार करना मुश्किल हो गया है।

इस मामले में व्यापारी मयंक शर्मा ने बाइट देते हुए कहा, हम छोटे व्यापारी हैं। दुकान से ही हमारा घर चलता है। फर्जी चालान करके हमें डरा-धमकाया जा रहा है। जब हमने विरोध किया तो हर महीने पैसे की मांग शुरू हो गई। हम डीसीपी पूर्वी से न्याय की गुहार लगाने आए हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे बाजार बंद कर धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।

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