बिहार के बेगूसराय के रहने वाले आयुष की कहानी पहले मजबूरी और दर्द से भरी बताई जा रही थी। उसने दावा किया था कि पढ़ाई की फीस भरने के लिए उसे किडनी बेचनी पड़ी। यह मामला तेजी से वायरल हुआ, लेकिन जांच आगे बढ़ने के बाद तस्वीर बदलती नजर आ रही है और अब उसकी कहानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
परिवार और गांव से सामने आई जानकारी
आयुष भगवानपुर प्रखंड के औगान गांव का रहने वाला है। गांव के लोगों के अनुसार उसका परिवार पहले संपन्न था और उसके पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे। इंटर पास करने के बाद उसे विशाखापट्टनम में कोचिंग के लिए भेजा गया था, लेकिन पढ़ाई के दौरान उसका ध्यान भटक गया और वह निजी जिंदगी में उलझता चला गया।
पढ़ाई से भटका और बदली दिशा
गांव के लोगों का कहना है कि पढ़ाई के दौरान आयुष की एक लड़की से मुलाकात हुई, जिसके बाद उसका फोकस पढ़ाई से हट गया। इसी बीच 2017 में उसके पिता की आत्महत्या ने परिवार को झकझोर दिया, लेकिन इसके बाद भी आयुष की जिंदगी में जिम्मेदारी की जगह लापरवाही बढ़ती गई।
जमीन बेचने का सच
सबसे बड़ा खुलासा जमीन को लेकर हुआ है। आयुष ने दावा किया था कि जमीन गिरवी रखी गई थी, लेकिन गांव के लोगों के अनुसार उसने करीब 15 बीघा जमीन खुद बेच दी। यह जमीन धीरे-धीरे खत्म होती गई और पैसे खर्च किए गए, जिससे उसकी ‘मजबूरी’ की कहानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शादी और टूटता रिश्ता
आयुष की जिंदगी में एक और मोड़ तब आया जब उसका एक एयर होस्टेस से रिश्ता बना। दोनों ने शादी भी की, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और कुछ महीनों में ही पत्नी उसे छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद उसकी जिंदगी और ज्यादा बिखरती चली गई।
खर्चीली जिंदगी और बढ़ते सवाल
गांव के लोगों के मुताबिक आयुष ने जमीन बेचकर मिले पैसे दोस्तों और घूमने-फिरने में खर्च किए। वह गांव में पढ़ाई का दावा करता रहा, लेकिन हकीकत कुछ और थी। अब उसकी किडनी बेचने वाली कहानी पर कई सवाल उठ रहे हैं और पुलिस भी इन पहलुओं की जांच कर रही है। आने वाले समय में सच्चाई पूरी तरह सामने आने की उम्मीद है।
