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117 किमी का नया हाईवे बदलेगा बुंदेलखंड की तस्वीर! जानिए किन जिलों और 93 गांवों से होकर गुजरेगा प्रोजेक्ट

117 किमी का नया हाईवे बदलेगा बुंदेलखंड की तस्वीर! जानिए किन जिलों और 93 गांवों से होकर गुजरेगा प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कानपुर से कबरई तक 117.5 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर करीब 7,145 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हाईवे को फिलहाल 4 लेन में बनाया जाएगा, जबकि भविष्य में इसे 6 लेन तक विस्तारित करने की योजना है। यह परियोजना BOT (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल पर तैयार होगी और इसके बनने के बाद कानपुर से कबरई की यात्रा करीब साढ़े तीन घंटे से घटकर डेढ़ घंटे रह जाएगी।

4 जिले, 93 गांव और 1139 हेक्टेयर जमीन होगी शामिल

इस हाईवे का निर्माण कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर होगा। परियोजना के लिए कुल 93 गांवों की लगभग 1139 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इनमें कानपुर नगर और देहात के 49 गांव, हमीरपुर के 35 गांव और महोबा के 9 गांव शामिल हैं। प्रशासन अगले कुछ महीनों में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है।

बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश को मिलेगा बड़ा फायदा

हाईवे बनने के बाद बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी। यह मार्ग एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और कई राज्य राजमार्गों से जुड़ेगा। इससे झांसी, जालौन, महोबा, हमीरपुर के साथ मध्य प्रदेश के सागर और भोपाल तक माल परिवहन आसान होगा। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

किसानों और कारोबारियों के लिए भी राहत

यह हाईवे किसानों के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है। बुंदेलखंड के किसान अपने कृषि उत्पाद कानपुर और प्रदेश के बड़े बाजारों तक कम समय और कम लागत में पहुंचा सकेंगे। वहीं ग्रेनाइट, गिट्टी और अन्य खनिजों के परिवहन में तेजी आने से निर्माण सामग्री का कारोबार भी मजबूत होगा। कानपुर के औद्योगिक क्षेत्रों और बुंदेलखंड के बीच सीधा संपर्क बनने से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

करीब 1 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक करोड़ लोगों को फायदा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ग्रीनफील्ड हाईवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा और बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है।

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