कानपुर के जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह ने हाल ही में आम नागरिक की तरह आधार केंद्र पर जाकर अपने आधार कार्ड को अपडेट कराया। उनके सादगी भरे व्यवहार को देखते सभी हैरान रह गए।
आपको बता दें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, जो अपनी कठोर प्रशासनिक शैली और औचक निरीक्षणों के लिए जाने जाते हैं, उन्होने कानपुर के माल रोड़ पर स्थित क्लाईट हाउस बिल्डिंग में आधार केंद्र पर जाकर अपने आधार कार्ड में आवश्यक अपडेट करवाए। उन्होंने बिना किसी विशेष व्यवस्था या प्राथमिकता के आम लोगों की तरह कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और कर्मचारियों से प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की।
DM ने अपने आधार में पता और मोबाइल नंबर जैसे विवरण अपडेट कराए, जो दस साल से अधिक पुराने आधार कार्ड धारकों के लिए अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में उन्होंने निर्धारित शुल्क (50 रुपये) का भुगतान किया और सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए।
जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि वे अपने आधार कार्ड को नियमित रूप से अपडेट रखें। उन्होंने कहा, "आधार कार्ड हमारी पहचान का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसे अपडेट रखना न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भी आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि कानपुर में आधार अपडेशन के लिए 227 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, और जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी। इसके अलावा, विकास भवन, जिलाधिकारी कार्यालय, नगर निगम कार्यालय, और अन्य प्रमुख स्थानों पर विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं। ऑनलाइन अपडेशन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके लिए नागरिक https://ssup.uidai.gov.in/ssup/ पर जाकर 25 रुपये के शुल्क के साथ अपडेट कर सकते हैं।
जनता के बीच चर्चा
DM जितेंद्र प्रताप सिंह का यह कदम सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है। लोग उनकी सादगी और आम नागरिकों के प्रति उनके जमीनी रवैये की सराहना कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी, रमेश कुमार, ने कहा, "हमारे DM साहब का यह कदम प्रेरणादायक है। वे न केवल कठोर प्रशासक हैं, बल्कि आम लोगों के साथ भी जुड़ाव रखते हैं।"
DM का सक्रिय प्रशासन
जितेंद्र प्रताप सिंह अपनी सक्रियता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने अनवरगंज के नगरीय स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था, जहां आठ कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा कदम उठाते हुए उनका एक दिन का वेतन काटने और संविदा कर्मियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया था। इसके अलावा, वे नियमित रूप से अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों का दौरा करते हैं ताकि सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।



