इजराइल ने पिछले 72 घंटों सोमवार से बुधवार में 6 मुस्लिम देशों हवाई और ड्रोन हमले किए, जिनमें कम से कम 200 लोगों की मौत और 1000 से अधिक लोग घायल हुए। जानकारी के मुताबिक जिन मुस्लिम देशों पर इजराइल ने हमले किए है उनमें गाजा (फिलिस्तीन), सीरिया, लेबनान, कतर, यमन और ट्यूनीशिया भी शामिल है। इन हमलों को इजराइली सेना ने आतंकी संगठनों, विशेष रूप से हमास और हौती विद्रोहियों के खिलाफ लक्षित कार्रवाई बताया है। हालांकि, इन हमलों में आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में तनाव बढ़ गया है।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों का बचाव करते हुए कहा कि यह कार्रवाई 9/11 हमले के बाद अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाइयों के समान है। उन्होंने कहा, “हम अपने देश और सहयोगियों के लिए खतरा बनने वाली आतंकी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” नेतन्याहू ने विशेष रूप से कतर और यमन में हमलों को हमास और हौती नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया।
1. कतर (दोहा)
इजराइली सेना ने मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में हवाई हमला किया, जिसका लक्ष्य हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या थे। इस हमले में अल-हय्या बच गए, लेकिन उनके बेटे, कार्यालय निदेशक, तीन सुरक्षा गार्ड और एक कतरी सुरक्षा अधिकारी सहित छह लोगों की मौत हो गई। हमले के समय हमास नेता अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे, जिसे हमास ने हमले के बाद अस्वीकार कर दिया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली और कहा कि यह 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के लिए जिम्मेदार नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया गया था। कतर सरकार ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
2. यमन (सना)
बुधवार को इजराइल ने यमन की राजधानी सना और उत्तरी प्रांतों में हौती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में 35 लोग मारे गए और 130 से अधिक घायल हुए। हमले में आम नागरिकों की संपत्तियां और एक ईंधन भंडारण केंद्र भी प्रभावित हुआ। इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया कि यह हमला हौती विद्रोहियों द्वारा इजराइल पर किए गए मिसाइल हमलों का जवाब था।
3. गाजा (फिलिस्तीन)
गाजा में इजराइली सेना ने पिछले 72 घंटों में व्यापक हवाई हमले किए। दीर अल-बलाह और खान यूनिस में हुए हमलों में 250 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे। नासिर अस्पताल पर दोहरे हमले में 20 लोग मारे गए, जिनमें पांच पत्रकार और स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। इजराइल ने दावा किया कि इन हमलों का उद्देश्य हमास के निगरानी कैमरों और सैन्य ठिकानों को नष्ट करना था। हालांकि, स्थानीय सूत्रों ने बताया कि हमलों में विस्थापित नागरिकों के तंबू और घर निशाना बने।
4. सीरिया
सीरिया में इजराइली हमलों ने सैन्य ठिकानों और हथियार डिपो को निशाना बनाया। इन हमलों में मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन स्थानीय मीडिया ने कई हताहतों की सूचना दी। इजराइल ने कहा कि ये हमले ईरान समर्थित मिलिशिया को निशाना बनाने के लिए थे।
5. लेबनान
लेबनान में इजराइली ड्रोन और हवाई हमलों ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में नागरिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। हताहतों की सटीक संख्या उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने कई घायलों की पुष्टि की।
6. ट्यूनीशिया
ट्यूनीशिया में इजराइली ड्रोन ने एक परिवार के बोर्डिंग हाउस पर हमला किया। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन स्थानीय समुदाय में दहशत फैल गई। इजराइल ने इस हमले को आतंकी नेटवर्क को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कतर के विदेश मंत्रालय ने दोहा पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और संयुक्त राष्ट्र से इसकी जांच की मांग की।
यमन: हौती विद्रोहियों ने हमले की निंदा की और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी।
संयुक्त राष्ट्र: इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा कि ये हमले आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कदम थे।
हमास: हमास ने कतर हमले के बाद युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इसे इजराइल की आक्रामकता का सबूत बताया।
इन हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। गाजा में नागरिकों की मौत और अस्पतालों पर हमलों की खबरों ने मानवीय संकट को गहरा किया है। अल जजीरा और अन्य मीडिया ने बताया कि गाजा में विस्थापित नागरिकों के शिविरों पर हमले हुए, जिससे महिलाओं और बच्चों की मौत हुई। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन हमलों में नागरिक हताहतों पर चिंता जताई और युद्धविराम की मांग की।



