टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज साउथम्प्टन में खेला जाएगा। इंग्लैंड सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका है और अब उसकी नजर भारत को 4-0 से हराने पर है। पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। अगर टीम इंडिया आखिरी मैच भी हारती है तो पहली बार किसी 3 या उससे ज्यादा मैचों की टी20 सीरीज में उसे 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ेगा। आयरलैंड के बाद इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार ने टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वैभव से बड़ी पारी की उम्मीद
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहने वाली है। वैभव ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआती 3 पारियों में 14, 13 और 15 रन बनाए हैं। अपनी तूफानी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव अभी तक इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुलकर नहीं खेल पाए हैं। ऐसे में साउथम्प्टन में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। कप्तान श्रेयस अय्यर की भी बड़ी परीक्षा है। श्रेयस ने ब्रिस्टल में नाबाद 80 रन बनाए थे, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया अब तक एक भी टी20 मुकाबला नहीं जीत पाई है।
नंबर-1 की कुर्सी पर भी खतरा
टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला सिर्फ सम्मान बचाने तक सीमित नहीं है। इंग्लैंड अगर आखिरी टी20 जीतता है तो वह टीम इंडिया को पीछे छोड़कर टी20 रैंकिंग में नंबर-1 टीम बन सकता है। इंग्लैंड पिछले 22 टी20 मुकाबलों में 19 जीत दर्ज कर चुका है और शानदार लय में दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ टीम इंडिया लगातार हार से जूझ रही है। चोट के कारण हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती भी दौरे से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में आखिरी मुकाबले में टीम के अंतिम 11 में बदलाव देखने को मिल सकता है और सूर्यांश शेडगे को मौका मिलने की संभावना है।
साउथम्प्टन में बल्लेबाजों की होगी परीक्षा
साउथम्प्टन का मैदान बड़ा है और यहां बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के लिए सही समय का इंतजार करना पड़ सकता है। इस मैदान पर मौजूदा सत्र में पहली पारी का औसत स्कोर करीब 174 रन रहा है। 173, 190 और 200 रन जैसे स्कोर भी यहां बचाए जा चुके हैं। टीम इंडिया ने इस मैदान पर अपना पिछला टी20 मुकाबला जीता था, इसलिए खिलाड़ियों को पुराने रिकॉर्ड से कुछ भरोसा जरूर मिलेगा। अब सवाल यही है कि क्या वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना असली दम दिखा पाएंगे और क्या श्रेयस अय्यर टीम की हार का सिलसिला रोक पाएंगे। आज का मुकाबला टीम इंडिया के लिए जीत से ज्यादा अपनी साख और नंबर-1 की कुर्सी बचाने की लड़ाई बन चुका है।
